जर्मनी के गुरुद्वारे में हिंसक झड़प, गोलीबारी और धारदार हथियारों से हमला, 11 लोग घायल
जर्मनी के डुइसबर्ग स्थित एक गुरुद्वारे में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें चाकू, कृपाण और कथित तौर पर गोली चलने से 11 लोग घायल हो गए. घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.

नई दिल्ली: जर्मनी के मोअर्स शहर के डुइसबर्ग इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे के अंदर हिंसक झड़प की घटना सामने आई है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना में कम से कम 11 लोग घायल हो गए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में गुरुद्वारे के भीतर दो समूहों के बीच भयंकर मारपीट दिखाई दे रही है.
इन वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि झड़प के दौरान चाकू और कृपाण जैसे धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया. घटना ने स्थानीय समुदाय में दहशत फैला दी है और पूरे मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
40 लोग शामिल, पुलिस ने संभाला मोर्चा
जर्मन अखबार बिल्ड के अनुसार, इस हिंसक झड़प में करीब 40 लोग शामिल थे. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल टैक्टिकल यूनिट्स को मौके पर भेजा.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झगड़े के दौरान पेपर स्प्रे और एक पिस्तौल का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए.
चुनाव और फंड विवाद बना कारण?
इस घटना के पीछे की असली वजह की जांच जारी है. हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस ने संकेत दिए हैं कि यह विवाद गुरुद्वारे के नए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव से जुड़ा हो सकता है.
बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे के फंड को लेकर भी दो समूहों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे, जो आखिरकार हिंसक झड़प में बदल गए.
🤯🇩🇪 Shocking scenes from Gurdwara Duisburg, Germany:
— Allen Hampton (@Hamp_Allen) April 20, 2026
Sikhs fighting inside sacred space, turbans flying, kirpans drawn on each other over Golak money, and a forced takeover by the previous management, who lost the election.
This violence isn't random. It's the direct result of… pic.twitter.com/47h4lni6w1
'यह पहले से प्लान किया गया लगता है'
56 वर्षीय एक प्रत्यक्षदर्शी ने बिल्ड अखबार को बताया, "यह पहले से प्लान किया गया लगता है. सेवा शुरू होने से थोड़ी देर पहले हमलावर अचानक पेपर स्प्रे लेकर आए और अपने विरोधियों पर छिड़क दिया. फिर उनमें से एक ने पिस्तौल चलाई. मैंने चाकू भी देखे."
उन्होंने आगे कहा, "कुछ समय से समस्याएं और झगड़े चल रहे थे. लेकिन असली बात यह है कि यहां प्रभाव किसका रहेगा और आखिरी फैसला कौन करेगा. जब हमला शुरू हुआ, तो बहुत से लोग डरकर गुरुद्वारे से भाग गए. स्थिति और भी खराब हो सकती थी. अच्छी बात यह है कि किसी की जान खतरे में नहीं है."
मौके पर हुआ इलाज
रिपोर्ट के अनुसार, झड़प में घायल हुए 11 लोगों का इलाज मौके पर ही पैरामेडिक्स और इमरजेंसी डॉक्टर द्वारा किया गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कम से कम एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है.
हथियार की जांच जारी
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि किसने किस पर हमला किया. अभी तक इस्तेमाल की गई पिस्तौल बरामद नहीं हुई है, लेकिन घटनास्थल से मिले कारतूस के खोल के आधार पर शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह एक ब्लैंक फायरिंग पिस्तौल थी.


