गर्मी में सत्तू शरबत या छाछ, कौन सी ड्रिंक है आपके लिए सबसे फायदेमंद?

गर्मियों में भीषण गर्मी और पसीने की वजह से शरीर झट से डिहाइड्रेट हो जाता है. ऐसे में ठंडक और हाइड्रेशन के लिए सत्तू शरबत और छाछ दोनों कमाल के हैं. लेकिन सवाल ये है कि आपकी बॉडी को किसकी ज्यादा जरूरत है?

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

बढ़ती गर्मी में शरीर जल्दी थक जाता है, प्यास बेकाबू हो जाती है और कई बार कमजोरी भी घेर लेती है. ऐसे में घरेलू ठंडक देने वाले पेय की तलाश हर किसी को रहती है. भारतीय घरों में दो सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक ड्रिंक्स हैं- सत्तू का शरबत और छाछ. दोनों ही प्राकृतिक, सस्ते और सेहतमंद माने जाते हैं, लेकिन सवाल यह है कि गर्मी के मौसम में असल में बेहतर कौन सा है? इसका जवाब आपकी दिनचर्या, शारीरिक जरूरत और स्वास्थ्य लक्ष्य पर निर्भर करता है. तो आइए विस्तार से समझते हैं दोनों के फायदे, अंतर और सही समय.

गर्मी के मौसम में हाइड्रेशन, एनर्जी और पाचन तीन सबसे बड़ी चुनौतियां होती हैं. सत्तू शरबत एनर्जी और तृप्ति देता है, जबकि छाछ हल्कापन और तुरंत राहत प्रदान करती है. दोनों का चुनाव आपकी जरूरत तय करती है.

सत्तू शरबत के प्रमुख फायदे

सत्तू भुने हुए चने से तैयार होता है, इसलिए इसमें भरपूर प्रोटीन, फाइबर और जटिल कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं.  तुरंत एनर्जी मिलती है और लंबे समय तक भूख नहीं लगती.

  • धूप में काम करने वालों या फिजिकल एक्टिविटी करने वालों के लिए सही माना जाता है.

  • शरीर को अंदर से ठंडक देता है और थकान दूर रखता है  

  • गाढ़ा होने के कारण पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है

छाछ के खास गुण और फायदे

छाछ दही से बनती है और बहुत हल्की-फुल्की होती है.  पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है, गैस-एसिडिटी में तुरंत राहत दिलाता है.   खाने के बाद भारीपन महसूस हो तो सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है छाछ को. प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की मात्रा ज्यादा होने से तेजी से हाइड्रेट करती है  
पेट को ठंडा और आरामदायक रखने में भी माहिर होता है.

हाइड्रेशन के मामले में कौन आगे?

गर्मी में डिहाइड्रेशन सबसे बड़ा खतरा होता है. छाछ इस मामले में थोड़ी बेहतर मानी जाती है क्योंकि इसमें पानी और सोडियम, पोटैशियम प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं, जो शरीर को जल्दी हाइड्रेट करते हैं. सत्तू भी हाइड्रेशन में मदद करता है, लेकिन यह ज्यादा गाढ़ा और भरपेट होने के कारण तरल पदार्थ के रूप में उतना तेज असर नहीं दिखाता.  

कब पीएं सत्तू और कब छाछ?

सुबह नाश्ते में या बाहर निकलने से पहले – सत्तू शरबत (एनर्जी और ताकत के लिए)  
दोपहर के भोजन के बाद या शाम को – छाछ (पाचन सुधारने और हल्कापन लाने के लिए)  
ज्यादा पसीना आने या लंबे समय तक धूप में रहने पर – सत्तू बेहतर  
ऑफिस में हल्का और रिफ्रेशिंग कुछ चाहिए तो – छाछ प्राथमिकता

वजन घटाने और कैलोरी कंट्रोल के नजरिए से

वजन कम करना चाहते हैं या कैलोरी कम रखना चाहते हैं → छाछ (कम कैलोरी, हल्की और सैटिस्फाइंग)  
वजन बनाए रखना या हेल्दी तरीके से एनर्जी चाहिए → सत्तू (प्रोटीन और फाइबर से भरपूर, कमजोरी नहीं होने देता)

दोनों में से चुनें अपनी जरूरत के हिसाब से 

  • सत्तू शरबत और छाछ – दोनों ही गर्मियों के लिए बेहतरीन देसी ड्रिंक्स हैं.

  • अगर आपको एनर्जी, ताकत और लंबे समय तक भूख न लगे, ऐसा चाहिए तो सत्तू शरबत चुनें.

  • अगर हल्कापन, तेज हाइड्रेशन, पाचन सुधार और पेट को आराम चाहिए तो छाछ सबसे अच्छी रहेगी.

  • सही समय पर सही ड्रिंक चुनकर आप गर्मी की थकान और कमजोरी से आसानी से बच सकते हैं.

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