आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जहां मानसिक तनाव, हृदय रोग, डायबिटीज़ और त्वचा से जुड़ी समस्याएं आम हो गई हैं, वहीं आयुर्वेद में एक ऐसा पौधा बताया गया है जो न सिर्फ इन रोगों से राहत दिलाता है बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा भी दिलाता है. जी हां, हम बात कर रहे हैं चंपा के पौधे की, जिसे आयुर्वेद में 'गुणों का खजाना' कहा गया है. इसकी महक जितनी दिव्य होती है, उतनी ही चमत्कारी इसके औषधीय विशेषताएं भी हैं.
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह (MD, PhD इन मेडिसिन) के अनुसार, चंपा का फूल, पत्ता और छाल – तीनों ही औषधीय गुणों से भरपूर हैं. यह न केवल शरीर की कई बीमारियों को दूर करने में कारगर है बल्कि मानसिक शांति देने वाला भी माना जाता है.
चंपा का पौधा हृदय रोगियों के लिए बेहद लाभकारी है. डॉ. सिंह बताती हैं, "इसके फूलों की सुगंध तनाव को कम करती है और मानसिक शांति देती है, जिससे हृदय को आराम मिलता है." इसके अलावा यह रक्तसंचार को बेहतर करने में भी मदद करता है.
चंपा के फूलों से तैयार तेल सिरदर्द को तुरंत राहत देता है. वहीं, फूलों से निकाला गया अर्क आंखों की जलन और सूजन को कम करने में बेहद असरदार है.
चंपा के फूल और छाल का लेप त्वचा की खुजली, घाव और सूजन जैसी समस्याओं से निजात दिलाता है. यह पुराने बुखार में भी लाभकारी साबित हुआ है.
इसके पौधे की जड़ से निकाला गया रस कफ रोगियों और पेट के कीड़ों को खत्म करने में उपयोगी है. साथ ही चंपा गठिया के दर्द को भी कम करता है.
डॉ. प्रियंका सिंह बताती हैं, "चंपा के फूल शुगर के मरीजों के लिए वरदान हैं. इसके फूलों की खुशबू चिंता और तनाव दूर करती है, जिससे मानसिक स्थिति बेहतर होती है."
चंपा के फूलों से परफ्यूम, धूपबत्ती, और अन्य खुशबूदार उत्पाद बनाए जाते हैं. इसके इत्र की मांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है.हिंदू धर्म में चंपा को मां लक्ष्मी का प्रिय पौधा माना जाता है. इसे घर में लगाने से सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है. First Updated : Sunday, 06 July 2025