बसंत पंचमी 2026: 23 या 24 जनवरी कब है सरस्वती पूजा ? जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पीले रंग का महत्व

बसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को मनाया जाने वाला ज्ञान और विद्या का पावन पर्व है. इस दिन मां सरस्वती की पूजा होती है और विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ काम बिना मुहूर्त के किए जा सकते हैं. जानिए 23 या 24 जनवरी कब है सही तिथि?

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: बसंत पंचमी को विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी मां सरस्वती के दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिन खास तौर पर विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन देवी सरस्वती पृथ्वी पर प्रकट हुई थीं और संसार को ज्ञान का मार्ग दिखाया था.

हर साल की तरह इस बार भी बसंत पंचमी की सही तिथि को लेकर लोगों में असमंजस है. कई श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि 2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी को मनाई जाएगी या 24 जनवरी को. पंचांग के अनुसार तिथि और पूजा के शुभ समय को जानना बेहद जरूरी होता है, ताकि पूजा पूरे विधि-विधान से की जा सके.

बसंत पंचमी 23 या 24 जनवरी कब मनाई जाएगी

पंचांग के मुताबिक बसंत पंचमी की तिथि 23 जनवरी को रात 2 बजकर 28 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 24 जनवरी 2026 को रात 1 बजकर 46 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के आधार पर बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी 2026 को ही मनाया जाएगा.

सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

  • बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा के लिए सुबह 7:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा.

  • इसी दिन माघ मेले का चौथा स्नान भी किया जाएगा. वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:26 बजे से सुबह 6:20 बजे तक रहेगा.

बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व

बसंत पंचमी पर पीले रंग को विशेष शुभ माना जाता है. पीला रंग ज्ञान, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि इस दिन मां सरस्वती को केसरिया मीठे चावल अर्पित करने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे बुद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है और मन प्रसन्न रहता है. श्रद्धा और सही विधि से देवी सरस्वती की पूजा करने से शिक्षा में सफलता मिलती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं.

बसंत पंचमी की पूजा सामग्री

  • पीले रंग के फूल

  • लकड़ी की चौकी

  • दूध से बनी बर्फी

  • एक कलश

  • अक्षत

  • पीले वस्त्र

  • पके हुए केले की फली का पिष्टक

  • गाय का घी

  • कुमकुम

  • इत्र

  • धूपबत्ती

  • हल्दी

  • भोग के लिए मालपुआ

  • पीले रंग के फूलों की माला

  • पीले रंग की साड़ी और चुनरी

  • खोया का श्वेत मिष्ठान

  • आम के पत्ते

  • पीले रंग का कपड़ा बिछाने के लिए

  • सफेद तिल के लड्डू

  • रोली

  • सिंदूर

Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.

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