प्रयागराज में माघ पूर्णिमा स्नान का महापर्वप्रयागराज में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा. भक्तों ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन स्नान और दान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस पावन अवसर पर हजारों कल्पवासी अपने एक महीने के तप और साधना को पूर्ण कर रहे हैं.
इस वर्ष महाकुंभ के कारण माघी पूर्णिमा का महत्व और भी बढ़ गया है. मेला प्रशासन द्वारा संगम क्षेत्र और प्रयागराज शहर को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया, जिससे यातायात की समस्या पर नियंत्रण रखा जा सके. बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए पहुंचे, जिनमें फ्रांस से आए पर्यटक भी शामिल थे.
माघी पूर्णिमा के अवसर पर अब तक 46.25 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. प्रयागराज में इस पावन अवसर पर भक्तों का उत्साह चरम पर है.
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु अपनी भावनाएं साझा करते नजर आए. एक महिला श्रद्धालु ने कहा, "आज जीवन सफल हो गया. इतने पावन अवसर पर संगम में स्नान करना सौभाग्य की बात है." वहीं, एक विदेशी पर्यटक ने इसे अद्भुत अनुभव बताया और कहा कि वे बाबाओं के दर्शन के लिए उत्साहित हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं प्रयागराज में हो रहे इस विशाल आयोजन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
डीआईजी प्रयागराज वैभव कृष्ण ने कहा, "श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए हैं. ट्रैफिक प्लानिंग, पार्किंग और डायवर्जन को सुव्यवस्थित रखा गया है, जिससे किसी को कोई असुविधा न हो."
मेला क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. पूरा प्रयागराज शहर नो-व्हीकल जोन में तब्दील कर दिया गया है. आम जनता की सुविधा को देखते हुए VVIP पास भी रद्द कर दिए गए हैं.
माघ पूर्णिमा के दिन एक महीने का कल्पवास समाप्त होता है. इस दिन श्रद्धालु अपने व्रत और तपस्या का समापन करते हैं और विशेष पूजा-अर्चना तथा दान-पुण्य करते हैं.
माघ पूर्णिमा पर स्नान के बाद दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस दिन तिल, गुड़, घी, अन्न और वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है. श्रद्धालु गरीबों और जरुरतमंदों को भोजन कराकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं.
माघ पूर्णिमा के दिन उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी श्रद्धालु, कल्पवासी या आम नागरिक को कोई असुविधा न हो. First Updated : Wednesday, 12 February 2025