वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया में चयन, पिता ने कहा 'बचपन का सपना पूरा हुआ'
सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल 205 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। वैभव सूर्यवंशी ने उससे भी कम उम्र में जगह बनाई। चयन के समय उनकी उम्र 15 साल 15 दिन थी।

नई दिल्ली: आईपीएल में तूफानी बल्लेबाजी से चर्चा में आए वैभव सूर्यवंशी अब भारत के लिए खेलने जा रहे हैं। 15 साल के वैभव का राष्ट्रीय टीम में चयन होते ही उनके घर में खुशी का माहौल है। सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में जगह बनाकर उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
सचिन का रिकॉर्ड तोड़ बने सबसे युवा खिलाड़ी
सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल 205 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। वैभव सूर्यवंशी ने उससे भी कम उम्र में जगह बनाई। चयन के समय उनकी उम्र 15 साल 15 दिन थी। आईपीएल में उनकी बल्लेबाजी ने पहले ही सबका ध्यान खींच लिया था और अब उन्हें देश के लिए खेलने का मौका मिल गया है।
A maiden #TeamIndia call-up at the age of 1️⃣5️⃣ 🌟
Congratulations to Vaibhav Sooryavanshi on setting a remarkable record 👏 pic.twitter.com/htOt9kci4p— BCCI (@BCCI) June 6, 2026
पिता संजीव सूर्यवंशी भावुक हुए
बेटे के चयन की खबर सुनते ही पिता संजीव सूर्यवंशी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बचपन से वैभव ने कड़ी मेहनत की है और आज उसी का फल मिला है। उन्होंने कहा, देश के लिए खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। अब उम्मीद है कि वैभव खूब रन बनाए, मैच जिताए और देश का नाम रोशन करे।
संजीव ने कहा कि हर माता पिता अपने बच्चों के लिए मेहनत करते हैं। हमने भी यही सोचा था। बच्चे ने बचपन से लगन से काम किया और हमारी मनोकामना पूरी कर दी। उन्होंने बीसीआई और चयनकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने भरोसा दिखाया है और वैभव उस पर खरा उतरेगा।
NDTV से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चा पांच साल से मेहनत कर रहा है। आज उसकी मेहनत रंग लाई है। उन्होंने हाथ जोड़कर चयनकर्ताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि हमारा बच्चा सबके विश्वास पर खरा उतरेगा और देश को गौरवान्वित करेगा।
दादी ने भी जताई खुशी
वैभव की दादी उषा सिंह ने भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इतनी खुशी उन्हें पहले कभी नहीं हुई। वैभव को खेलते देखकर उन्हें पूरा भरोसा था कि वह एक दिन देश के लिए खेलेगा।
क्रिकेट जगत में चर्चा
वैभव का चयन क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना आसान नहीं होता। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर वैभव को सही मार्गदर्शन मिले तो वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य बन सकते हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि वैभव डेब्यू पर कैसा प्रदर्शन करते हैं। परिवार, कोच और फैंस को उम्मीद है कि वह अपनी मेहनत और जज्बे से टीम इंडिया को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।


