देश का राष्ट्रगान गाने से इनकार...एशियन कप के ग्रुप मैच में ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने किया मौन विद्रोह

ईरान महिला फुटबॉल टीम ने ऑस्ट्रेलिया में AFC एशियन कप 2026 में मैच के पहले मैदान में राष्ट्रगान न गाकर मौन विरोध दर्ज कराया. दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले खिलाड़ियों ने सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद यह कदम उठाया है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : खेल के मैदान पर राजनीति और संवेदनाओं का मेल अक्सर दुनिया को हैरान कर देता है. गोल्ड कोस्ट के सीबस सुपर स्टेडियम में विमेंस एशियन कप के उद्घाटन मैच के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबले से पहले जब ईरान का राष्ट्रगान बजाया गया तो ईरानी खिलाड़ियों और मुख्य कोच मरजिये जाफरी ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी. यह मौन विरोध ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हालिया मौत के बाद उपजे हालातों की ओर एक बड़ा इशारा था.

मैदान पर राष्ट्रगान के दौरान खिलाड़ियों की चुप्पी

आपको बता दें कि मैच शुरू होने से पहले की रस्मों के दौरान जब स्टेडियम में ईरान का राष्ट्रगान गूंजने लगा. तो मैदान पर खड़ी खिलाड़ियों की कतार बिल्कुल शांत थी. न तो खिलाड़ियों के होंठ हिले और न ही उनके चेहरे पर कोई भाव दिखा. सभी खिलाड़ी और मुख्य कोच मरजिये जाफरी सामने की ओर देखते हुए मौन खड़े रहे. यह एक कड़ा संदेश था. जो बिना कुछ कहे वैश्विक पटल पर पहुँचा दिया गया.. स्टेडियम में मौजूद दर्शक इस अप्रत्याशित और शांत विरोध के गवाह बने..

खामेनेई की मौत पर खिलाड़ियों का जवाब 

मीडिया से बातचीत के दौरान जब कप्तान जहरा घनबारी और कोच जाफरी से खामेनेई की मौत के बारे में सवाल पूछा गया. तो माहौल तनावपूर्ण हो गया. कोच जाफरी ने फारसी में उत्तर देना शुरू किया. लेकिन एएफसी मीडिया प्रतिनिधि ने अनुवाद होने से पहले ही उन्हें बीच में रोक दिया. प्रतिनिधि ने कहा कि हमें केवल खेल पर ध्यान देना चाहिए और अन्य चर्चा बंद कर दी. इस तरह राजनीतिक सवालों को खेल की सुर्खियों से दूर रखने की कोशिश की गई. जिससे प्रेस रूम में भी अनिश्चितता बनी रही.

दक्षिण कोरिया का मैदान पर दबदबा

खेल के मोर्चे पर दक्षिण कोरिया की अनुभवी टीम ईरान पर पूरी तरह हावी नजर आई. चो यू-री ने पहले हाफ में गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी. इसके बाद दूसरे हाफ में किम हये-री और को यू-जिन ने गोल दागकर दक्षिण कोरिया की जीत पर मुहर लगा दी.ईरान के लिए यह मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण था. क्योंकि वे एशिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक का सामना कर रहे थे. कोरिया की तकनीकी क्षमता और अनुभव मैदान पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा था.

कोच ने टीम के प्रदर्शन को सराहा

हार के बावजूद मुख्य कोच मरजिये जाफरी ने अपनी टीम 'टीम मेली बनोवन' के प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया.यह ईरान का केवल दूसरा फाइनल टूर्नामेंट था. जबकि कोरियाई टीम 14 बार इस स्तर पर खेल चुकी है. जाफ़री ने कहा कि उन्हें पता था कि मैच कठिन होगा. लेकिन उनकी टीम ने रक्षात्मक से आक्रामक रणनीति अपनाने की पूरी कोशिश की. कुछ व्यक्तिगत गलतियों और पेनल्टी के कारण टीम पिछड़ गई. लेकिन कोच के अनुसार खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा खेल दिखाया.

हार ने खिलाड़ियों को निराश नहीं किया, बल्कि

जाफरी ने प्रतिद्वंद्वी टीम को उनकी शानदार जीत के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि ईरानी टीम भविष्य में और अधिक शक्ति के साथ वापसी करेगी.खिलाड़ियों ने मैदान पर जो साहस और कौशल दिखाया वह उनके बढ़ते आत्मविश्वास का प्रमाण है.इस टूर्नामेंट ने न केवल उनके खेल, बल्कि उनकी सामाजिक चेतना को भी दुनिया के सामने रखा है. हार ने खिलाड़ियों को निराश नहीं किया है. बल्कि वे इसे सीखने के एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं ताकि वे मजबूती से लौट सकें.

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