‘बृज भूषण यौन उत्पीड़न मामले में मैं भी पीड़ित...’ विनेश फोगाट का बड़ा खुलासा, सरकार को बताया ‘तमाशबीन’

विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि गोंडा में मुकाबला करने में उन पर 'बहुत ज्यादा मानसिक दबाव' होगा। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सिर्फ 'तमाशबीन' बनी हुई है।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने रविवार (03 मई 2026) को बड़ा दावा करते हुए कहा कि वह भी WFI के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न की पीड़ितों में से एक हैं। विनेश ने बताया कि वह उन छह महिला पहलवानों में शामिल हैं जिन्होंने बृज भूषण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। 

करीब 20 महीने बाद कुश्ती के मैट पर वापसी की तैयारी कर रहीं विनेश फोगाट ने कहा कि उन्हें यह सच अदालत में चल रहे मामले के बीच बोलने को मजबूर होना पड़ा। इसकी वजह WFI का एक फैसला है। दरअसल, फेडरेशन ने अहम रैंकिंग टूर्नामेंट का आयोजन बृज भूषण के गढ़ गोंडा में कराया है।

फोगाट ने सरकार को बताया ‘तमाशबीन’ 

आपको बताते चलें कि विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि गोंडा में मुकाबला करने में उन पर 'बहुत ज्यादा मानसिक दबाव' होगा। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सिर्फ 'तमाशबीन' बनी हुई है। विनेश ने चेतावनी दी कि अगर टूर्नामेंट के दौरान उनके या उनकी टीम के साथ कुछ भी गलत होता है तो इसकी जिम्मेदार सरकार होगी।

उन्होंने इस दौरान कहा, “खिलाड़ियों की मदद के लिए कोई आगे नहीं आ रहा। ऐसा लगता है जैसे सरकार ने बृज भूषण को खुली छूट दे दी है। कि आप जो चाहें करें, महिला पहलवानों के साथ कुछ भी करें, कुश्ती की दुनिया के साथ कुछ भी करें। हम आपके साथ खड़े हैं।” 

 

 

WFI अध्यक्ष ने दी सुरक्षा की 'निजी गारंटी'   

दरअसल विनेश फोगाट के बयान पर WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह विनेश की सुरक्षा की 'निजी गारंटी' देते हैं। संजय सिंह ने कहा, “WFI अध्यक्ष के तौर पर, मैं उन्हें और उनकी टीम को वादा करता हूं कि वे गोंडा में पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। मैं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करूंगा। कृपया आएं और मैट पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।” 

साथ ही संजय सिंह ने विनेश को नसीहत दी कि वह इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें। उन्होंने कहा कि विनेश कांग्रेस की विधायक भी हैं। संजय सिंह बोले, “अगर वह राजनीति खेलना चाहती हैं, तो यह उनकी मर्जी है। मामला अदालत में है, इसलिए मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। सच सामने आने दें।” 

पेरिस ओलंपिक के बाद होगी वापसी 

पहलवान विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक में निराशा के बाद कुश्ती से दूरी बना ली थी। अब वह नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से वापसी कर रही हैं। यह टूर्नामेंट पहलवानों के लिए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में जगह बनाने का आखिरी मौका है। यह रैंकिंग टूर्नामेंट 10 से 12 मई तक उत्तर प्रदेश के गोंडा में नंदिनीनगर महाविद्यालय में होगा।

खास बात ये है कि बृज भूषण नंदिनीनगर महाविद्यालय के संस्थापक हैं और गोंडा से पूर्व सांसद रह चुके हैं। 2023 में देश की शीर्ष महिला पहलवानों ने बृज भूषण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद दिल्ली की एक अदालत में उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा है। विनेश, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक के साथ उन प्रदर्शनों में सबसे आगे थीं।

गोंडा में निष्पक्ष मुकाबला असंभव- फोगाट 

दरअसल विनेश फोगाट ने आशंका जताई कि गोंडा में प्रतियोगिता निष्पक्ष नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि वजन-तौल प्रक्रिया और मुकाबलों के फैसले प्रभावित हो सकते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने कहा, “यह टूर्नामेंट गोंडा में हो रहा है, जहां बृज भूषण का घर है और उनका अपना निजी कॉलेज है। यह असंभव है कि किसी मेहनती खिलाड़ी को वहां उसका हक मिलेगा। कौन सा रेफरी किस मैच में अंपायरिंग करेगा, कौन कितने अंक देगा, मैच चेयरमैन कहां बैठेगा, किसे जीतना है और किसे हारना है... यह सब बृज भूषण और उनके लोगों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।”

विनेश के बयान पर WFI का पलटवार 

विनेश के आरोपों पर संजय सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के लिए करीब 1200 एंट्री आई हैं। इनमें से लगभग 800 पहलवान हरियाणा से हैं। 

संजय सिंह ने कहा, “किसी भी दूसरे पहलवान को कोई आपत्ति नहीं है। अगर विनेश को पक्षपातपूर्ण रेफरींग की चिंता है, तो मैं भरोसा दिलाता हूं कि चुने गए सभी रेफरी भारतीय कुश्ती महासंघ और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के पैनल से होंगे। न तो बृज भूषण शरण सिंह और न ही मेरा इसमें कोई दखल है कि रेफरी कौन होगा।” 

मैं छह पीड़ितों में से एक हूँ- विनेश फोगाट 

महिला पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि तीन साल पहले उन्होंने भी बृज भूषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। उससे जुड़ा मामला कोर्ट में लंबित है। छह महिला खिलाड़ियों ने शिकायत की थी और उसी आधार पर सुनवाई चल रही है। 

फोगाट ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं इसलिए चुप रही क्योंकि मामला कोर्ट में लंबित है। लेकिन मैं यह कहना चाहती हूं - मैं उन छह पीड़ितों में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी, और हमारी गवाहियां अभी चल रही हैं।” 

उन्होंने आगे कहा, “आप कल्पना कर सकते हैं कि उनके गृह नगर में जाना, उनके ही कॉलेज में मुकाबला करना मेरे लिए कैसा होगा। जहां लगभग हर कोई उनसे जुड़ा है। ऐसे माहौल में कदम रखना और मुकाबला करना बेहद मुश्किल है। एथलीट के तौर पर हम पहले से ही भारी मानसिक दबाव झेलते हैं।” 

सरकार को दी ये चेतावनी 

इस वीडियो मैसेज में विनेश फोगाट ने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी लड़की के लिए मुकाबला करना बहुत मुश्किल होगा। उन्होंने दोहराया कि वह पूरी मेहनत से देश के लिए मेडल जीतना चाहती हैं। 

वीडियो के अंत में विनेश ने कहा, “आज भी बृज भूषण दावा करते हैं कि कुश्ती महासंघ पर उनका ही दबदबा है। उनके ही लोग महासंघ चला रहे हैं। लेकिन खेल मंत्रालय या सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। अगर मैं उस प्रतियोगिता में जाती हूं, तो मेरी टीम भी साथ होगी। अगर किसी के साथ कोई भी घटना होती है, तो इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी।” 

उन्होंने आगे यह भी कहा, “वह आदमी जो कैमरे पर कबूल करता है कि उसने एक आदमी का कत्ल किया था और फिर भी उसे सजा नहीं मिली, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उसकी मानसिकता कैसी है। मुझे कोई विशेषाधिकार नहीं चाहिए। मैं बस इतना चाहती हूं कि मैट पर फैसले मेहनत के आधार पर हों। न कि किसी गुंडे के इशारे पर।” 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ था प्रदर्शन  

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में बृज भूषण को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और पीछा करने के मामले में दोषी पाया गया है। छह महिला पहलवानों ने अप्रैल 2023 में यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद देश के शीर्ष पहलवानों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर दो महीने तक विरोध प्रदर्शन किया था।

यह रैंकिंग टूर्नामेंट उन पहलवानों के लिए आखिरी मौका है जो 2025 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप और 2026 के फेडरेशन कप में हिस्सा नहीं ले पाए थे। WFI की नीति के मुताबिक सीनियर वर्ग में केवल वही पहलवान एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा ले पाएंगे जिन्होंने इन दोनों प्रतियोगिताओं में मेडल जीते हों। लेकिन ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में मेडल जीतने वाले पहलवानों को राष्ट्रीय शिविर के लिए चुना जाएगा, जिससे उनके ट्रायल के लिए योग्य होने की संभावना है।

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