'महिला दिवस में सिर्फ एक दिन', आतिशी ने CM रेखा गुप्ता को लिखी चिट्ठी, 2500 रुपये के वादे की दिलाई याद
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर महिला दिवस पर दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये देने की मांग की. उन्होंने उम्मीद जताई कि 8 मार्च को महिलाओं के खातों में राशि आ जाएगी. महिला समृद्धि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है.

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कालकाजी से विधायक आतिशी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक बार फिर पत्र लिखा है. उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये देने का जो वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, उसे जल्द पूरा किया जाए. आतिशी का ये पत्र महिला दिवस से पहले मुख्यमंत्री को भेजा गया है, जब महिला समृद्धि योजना की पहली किश्त मिलने का इंतजार किया जा रहा है.
महिला समृद्धि योजना पर वादा
आतिशी ने अपनी चिट्ठी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए उस वादे का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने महिला दिवस के मौके पर दिल्ली की महिलाओं के खाते में 2500 रुपये भेजने का ऐलान किया था. आतिशी ने लिखा कि महिला दिवस अब सिर्फ एक दिन दूर है. उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से ये उम्मीद जताई है कि महिला दिवस के दिन दिल्ली की महिलाओं को उनके खाते में 2500 रुपये की राशि का मैसेज जरूर आएगा.
आतिशी ने चिट्ठी में जताई उम्मीद
आतिशी ने चिट्ठी में साफ तौर पर लिखा- मुझे उम्मीद है कि 8 मार्च (महिला दिवस) के दिन दिल्ली की महिलाओं के मोबाइल में 2500 रुपये उनके खाते में आने का मैसेज आएगा. इस पत्र के माध्यम से नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर दिल्ली सरकार से इस योजना की त्वरित शुरुआत की मांग की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दिल्ली की महिलाओं को वादा किया था कि 8 मार्च को ₹2500 उनके खाते में पहुँच जायेंगे।
— Atishi (@AtishiAAP) March 7, 2025
बस एक दिन बाक़ी है…
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी को पत्र लिख कर उम्मीद जताई है कि कल दिल्ली की सब महिलाओं के खाते में ₹2500 ज़रूर आयेंगे। pic.twitter.com/3dCRb5RZwV
महिला कल्याण की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये वादा दिल्ली सरकार के महिला कल्याण योजनाओं को एक नई दिशा देने वाला कदम था. महिला समृद्धि योजना का उद्देश्य दिल्ली की महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है. अब देखना ये होगा कि दिल्ली की महिलाओं को उनके अधिकार समय पर मिल पाते हैं या नहीं.


