यूपी में भाकियू ने किया बवाल, गाड़ियों तोड़फोड़ कर दरोगा के पैर पर चढ़ाई गाड़ी

पूर्व मंत्री की टिप्पणी के विरोध में भाकियू का प्रदर्शन कई जिलों में उग्र हो गया, जहां पुलिस से झड़प और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. हापुड़ कूच के दौरान हालात बिगड़ने पर कई जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया और तनाव का माहौल बना हुआ है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पूर्व मंत्री की कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने शुक्रवार को कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन किया, जो कई जगहों पर उग्र हो गया. हाथरस में प्रदर्शन के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली. हालात इतने बिगड़ गए कि धक्का-मुक्की के बीच एक वाहन दरोगा के पैर पर चढ़ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों को भी निशाना बनाया और तोड़फोड़ की.

 गभाना टोल प्लाजा पर किसानों को रोकने की कोशिश

वहीं, हापुड़ की ओर कूच कर रहे किसानों को अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा पर रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वहां भी स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. भारी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने पुलिस के प्रयासों को नाकाम करते हुए टोल पार कर लिया और आगे बढ़ गए. इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने हापुड़ और बुलंदशहर समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

दरअसल, कुछ दिन पहले एक ढाबे के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री मदन चौहान द्वारा किसान नेताओं पर की गई टिप्पणी से यह विवाद शुरू हुआ था. इस बयान से नाराज भाकियू ने उनके आवास का घेराव करने का ऐलान किया था. इसी के तहत शुक्रवार को अलग-अलग जिलों से किसान हापुड़ की ओर बढ़े. हाथरस में पुलिस अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे.

तनाव उस समय और बढ़ गया जब भीड़ ने पुलिस का घेरा तोड़ने की कोशिश की. इसी दौरान एक वाहन पुलिस अधिकारी के पैर पर चढ़ गया और इसके बाद हालात और बिगड़ गए. आक्रोशित भीड़ ने एक अधिकारी की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया.

गढ़मुक्तेश्वर में पूर्व मंत्री के आवास के बाहर भारी पुलिस बल 

गढ़मुक्तेश्वर में पूर्व मंत्री के आवास के बाहर एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. टकराव की आशंका को देखते हुए कई थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया है. बताया जा रहा है कि यह विवाद सलारपुर में हुई एक बहस के बाद धीरे-धीरे बढ़ते हुए बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है.

इस बीच, लखनऊ, हरदोई, संभल और बदायूं समेत कई जिलों से सैकड़ों किसान गढ़मुक्तेश्वर पहुंच गए हैं. हालांकि पुलिस ने कुछ नेताओं को नजरबंद भी किया है, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. पूरा मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो