'तिरंगे में चांद आया तो कोई नहीं बचेगा', बांदा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विवादित बयान

उत्तर प्रदेश के बांदा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान ने सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है. तिरंगा, जातिवाद और राष्ट्रवाद को लेकर दिए गए उनके तीखे बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान सियासी और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. मंच से बोलते हुए उन्होंने राष्ट्र, धर्म और जाति को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया.

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में जातिवाद पर तीखा हमला करते हुए इसे देश के लिए घातक बताया और कहा कि अगर भारत में एकजुटता नहीं रही, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं. उनके बयान के वीडियो और कथन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.

जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया

बांदा में सभा को संबोधित करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा,"जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया, उस दिन न वर्मा बचेंगे, न शर्मा बचेंगे, न क्षत्रिय बचेंगे, न रैदास वाले बचेंगे. न तुलसीदास वाले बचेंगे, न अगड़ा बचेगा, न पिछड़ा बचेगा."
उन्होंने आगे कहा कि इसका सबसे बड़ा उदाहरण बांग्लादेश है और इसी संदर्भ में उन्होंने वहां की घटनाओं का उल्लेख किया.

देश में राष्ट्रवाद होना चाहिए

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश को बचाने के लिए जातिवाद नहीं बल्कि राष्ट्रवाद की जरूरत है. उन्होंने कहा,"इस काल में वही व्यक्ति सफल है, वही ताकतवर है और वही बच सकता है जो एकजुट है."

उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों में भले ही कई फिरके हों, लेकिन मजहब की बात आने पर वे सिर्फ मुसलमान होते हैं, जबकि हिंदू समाज जातियों में बंटा हुआ है.

हमारा परिचय जाति से नहीं, हिंदू से होना चाहिए

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि भारत के कई राज्यों में हिंदुओं की घटती आबादी इस बात का संकेत है कि हिंदू एकजुट नहीं हो पा रहे हैं.उन्होंने कहा,"हिंदू विचारधारा वाले लोगों के अलावा किसी भी हिंदू से पूछो तो वह खुद को वर्मा, शर्मा, पंडित या किसी और जाति से बताता है. मेरी प्रार्थना है कि हमारा परिचय जाति से नहीं, हिंदू से होना चाहिए."

जनसंख्या और एकजुटता को लेकर बयान

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू समाज की जनसंख्या पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा,"जब चच्चे के 30-30 बच्चे हो सकते हैं, तो हिंदुओं के क्यों नहीं?"उन्होंने आगे कहा कि हिंदुओं को अपनी संख्या बढ़ानी चाहिए और समाज को मजबूत करने के लिए एकजुट होना होगा.

कास्टवाद ने हिंदुओं को खोखला किया

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिंदुओं को बांटने की साजिश रची जा रही है."कास्टवाद ने हिंदुओं को खोखला कर दिया है, इसलिए इस देश में कास्टवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद चलना चाहिए," ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने बयान को समाप्त किया.

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