गोपाल इटालिया पर हमले के बाद केजरीवाल का गुजरात दौरा, राजकोट में पीड़ित किसानों से करेंगे मुलाकात

आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया पर सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने जूता फेंक दिया. यह व्यक्ति कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया जा रहा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

गुजरात की राजनीति में हलचल उस समय तेज़ हो गई जब आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया पर सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने जूता फेंक दिया. यह व्यक्ति कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया जा रहा है. अचानक हुए इस हमले ने जहां राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, वहीं यह घटना इटालिया के बढ़ते जनसमर्थन की ओर भी संकेत करती दिखाई दी.

इटालिया के पक्ष में खड़े हुए लोग

हमले के तुरंत बाद जिस तरह आम जनता और स्थानीय समर्थक इटालिया के पक्ष में खड़े हुए, उससे यह साफ पता चला कि लोगों में उनके शांत और सरल रवैये को लेकर गहरा सम्मान है. सोशल मीडिया पर भी उनके संयम को सराहते हुए कई प्रतिक्रियाएँ सामने आईं.

इसी घटनाक्रम के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बिना किसी पूर्व घोषणा के रविवार शाम अचानक गुजरात पहुंचकर सभी को चौंका दिया. उनका यह तीन दिवसीय दौरा औपचारिक कार्यक्रमों से अलग, हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल लिया गया कदम माना जा रहा है. 

केजरीवाल सबसे पहले उन किसानों और कार्यकर्ताओं के परिवारों से मुलाकात करेंगे, जिन्हें पहले सरकारी कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था और अब जमानत पर रिहा हुए हैं। यह उनकी ओर से यह संदेश है कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ हर कठिन परिस्थिति में खड़ी रहती है.

केजरीवाल की यात्रा को लेकर जनता में उत्साह 

गुजरात में केजरीवाल की यात्रा को लेकर जनता में उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. कार्यकर्ता इसे “हौसला बढ़ाने वाला दौरा” बता रहे हैं. इटालिया पर हुए हमले के बाद लोगों द्वारा दिखाई गई एकजुटता ने यह भी साबित किया है कि राज्य में आम आदमी पार्टी का आधार तेजी से मज़बूत हो रहा है. परंपरागत राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच केजरीवाल का यह दौरा जमीनी नेतृत्व और संवेदनशील राजनीति का उदाहरण बनकर उभर रहा है.

हमले के बाद गोपाल इटालिया की प्रतिक्रिया भी चर्चा का केंद्र रही. उन्होंने स्थिति को जिस शांत और संयमित तरीके से संभाला, उसने लोगों के बीच उनकी छवि को और मज़बूत किया. कई राजनीतिक विश्लेषक यह कह रहे हैं कि विरोध की राजनीति चाहे जितनी आक्रामक हो जाए, जनता से जुड़े नेताओं को कमजोर करना आसान नहीं होता. इटालिया की पहचान ईमानदार और मेहनती नेता के रूप में अब और पुख्ता दिखाई देती है.

आने वाले तीन दिन गुजरात की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. राजकोट में केजरीवाल की मौजूदगी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया है. इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ संदेश दिया है कि राज्य की जनता अब नए विकल्पों की तलाश में है और आम आदमी पार्टी उभरते हुए बदलाव की प्रमुख ताकत बनती जा रही है.

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