महाराष्ट्र जिला परिषद चुनावों में महायुति का जलवा, ग्रामीण क्षेत्रों में तगड़ा जनसमर्थन, सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा
महाराष्ट्र की 12 जिला परिषदों के चुनाव नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. अब तक घोषित 719 सीटों के रुझानों और परिणामों में महायुति ने 552 सीटों पर जीत दर्ज की है.

महाराष्ट्र की 12 जिला परिषदों के चुनाव नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. इन नतीजों में सत्तारूढ़ महायुति ने ग्रामीण महाराष्ट्र में अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए विपक्ष को करारा झटका दिया है. अब तक घोषित 719 सीटों के रुझानों और परिणामों में महायुति ने 552 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो कुल सीटों का लगभग 75 प्रतिशत है. यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी महायुति को व्यापक जनसमर्थन मिला है.
भाजपा बड़ी पार्टी बनकर उभरी
इन नतीजों में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. भाजपा ने 225 सीटों पर जीत हासिल की है. उसके सहयोगी दलों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 165 सीटें मिली हैं, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 162 सीटों पर कब्जा जमाया है. इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि महायुति के तीनों प्रमुख घटक दलों ने अपने-अपने जनाधार को बनाए रखा है. हालांकि, सतारा जिले की 12 सीटों के अंतिम नतीजे देर रात तक घोषित नहीं हो पाए थे.
विपक्षी दलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा. कांग्रेस को 55 सीटें मिलीं, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना 43 सीटों पर सिमट गई, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को केवल 26 सीटें हासिल हुईं. खासतौर पर शरद पवार गुट का इतना सीमित रह जाना उनके पारंपरिक ग्रामीण आधार में आई गिरावट की ओर इशारा करता है.
राजनीतिक विश्लेषकों का क्या मानना है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा असर इन नतीजों में देखने को मिला है. ‘लाड़की बहिन योजना’, सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने ग्रामीण मतदाताओं को प्रभावित किया है, जिसका लाभ महायुति को मिला.
इस जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने विकास की राजनीति को चुना है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नकारात्मक प्रचार और बार-बार ईवीएम पर सवाल उठाने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन नतीजों को भाजपा और महायुति नेतृत्व की सामूहिक मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का परिणाम बताया. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जनता का आभार जताते हुए कहा कि महाराष्ट्र के लोग सुशासन और विकास को प्राथमिकता देने वाले गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं.


