नि:संतान महिलाओं को प्रग्नेंट करो और 10 लाख कमाओ! जानिए किस राज्य में निकली गर्भवती बनाओ सर्विस ?

बिहार के नवादा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां नि:संतान महिलाओं को गर्भवती करने के बदले 10 लाख रुपये देने का झांसा दिया जाता था. ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस के नाम से कंपनी बनाकर लाखों लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है. 

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नवादा : बिहार के नवादा जिले से साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि आम लोगों को भी हैरान कर दिया है. ठगों ने निःसंतान दंपतियों की भावनात्मक कमजोरी और आर्थिक मजबूरियों को निशाना बनाकर एक अनोखा लेकिन बेहद खतरनाक फर्जीवाड़ा खड़ा किया. इस गिरोह ने अपने जाल को “ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस” जैसा आकर्षक नाम देकर लोगों को भ्रमित किया.

झूठे वादों के सहारे बनाया गया ठगी का जाल

आपको बता दें कि ठग फोन कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और दावा करते थे कि वे निःसंतान महिलाओं को गर्भधारण कराने की विशेष तकनीक जानते हैं. इसके बदले लोगों को यह लालच दिया जाता था कि अगर कोई व्यक्ति इस प्रक्रिया में सहयोग करता है तो उसे लाखों रुपये तक की कमाई हो सकती है. यह सब पूरी तरह वैध और सुरक्षित बताकर भरोसा दिलाया जाता था, ताकि लोग बिना सवाल किए पैसे जमा कर दें.

रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर वसूली
इस फर्जी योजना में शामिल होने के लिए लोगों से पहले रजिस्ट्रेशन फीस मांगी जाती थी. कई मामलों में यह रकम हजारों से बढ़कर लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी. पुलिस के अनुसार, ठग खासतौर पर ऐसे लोगों को निशाना बना रहे थे जो आर्थिक तंगी में थे या कम समय में बड़ी कमाई का सपना देख रहे थे. मीठी बातों और झूठे दावों के सहारे उन्हें पूरी तरह फंसा लिया जाता था.

निःसंतान महिलाओं को भी बनाया शिकार
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह केवल पुरुषों को ही नहीं, बल्कि निःसंतान महिलाओं को भी अपने जाल में फंसाता था. महिलाओं को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनकी कथित तकनीक से गर्भधारण संभव है. इसके बदले उनसे अलग-अलग चरणों में पैसे वसूले जाते थे. भावनात्मक दबाव इतना अधिक होता था कि कई महिलाएं ठगी का शिकार होने के बाद भी शिकायत दर्ज कराने से डरती रहीं.

गुप्त सूचना से हुआ पूरे खेल का पर्दाफाश
इस साइबर ठगी का खुलासा तब हुआ जब नवादा पुलिस को हिसुआ थाना क्षेत्र के मनवा गांव में एक संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली. पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव के एक घर पर छापेमारी की. मौके से दो आरोपितों को पकड़ा गया, जिनमें एक नाबालिग और दूसरा रंजन कुमार बताया गया.

पूछताछ में सामने आए कई अहम राज
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से “ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब” के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे. उन्होंने यह भी माना कि इस फर्जीवाड़े के जरिए अब तक लाखों रुपये की रकम जुटाई जा चुकी है. पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क और भी बड़े स्तर पर फैला हो सकता है.

मोबाइल फोन से मिल सकते हैं अहम सबूत
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपितों के पास से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इन मोबाइलों में बड़ी संख्या में कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और चैट मिलने की संभावना है. साइबर सेल इन डिवाइस की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोग इस ठगी का शिकार बने और यह नेटवर्क कब से सक्रिय था.

पुलिस ने बताया गंभीर और संवेदनशील अपराध
एसपी अभिनव धीमान ने इस मामले को बेहद गंभीर और संवेदनशील बताते हुए कहा कि इसमें न केवल आर्थिक ठगी हुई है, बल्कि लोगों की भावनाओं और सामाजिक मूल्यों को भी गहरी चोट पहुंची है. पुलिस अब पीड़ितों की पहचान करने और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

कानूनी कार्रवाई जारी, दायरा बढ़ सकता है
आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान अन्य जिलों या बड़े नेटवर्क से जुड़े तार सामने आते हैं, तो कार्रवाई का दायरा और व्यापक किया जाएगा.

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