मुंबई में फिर दिखी रिसॉर्ट राजनीति, शिंदे गुट ने पार्षदों को किया एकजुट

बीएमसी चुनावों में महायुति की जीत के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को पांच सितारा होटल में ठहराने का फैसला किया है. इसे दल-बदल की आशंका और बीएमसी में सत्ता पर पकड़ मजबूत रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की चर्चा तेज हो गई है. महायुति गठबंधन को मिली बड़ी जीत के बीच, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को एक साथ रखने का फैसला किया है. पार्टी ने सभी चुने गए पार्षदों को मुंबई के एक पांच सितारा होटल में ठहराने की व्यवस्था की है. इस कदम को संभावित राजनीतिक तोड़फोड़ और दल-बदल की आशंकाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.

ताज लैंड्स एंड होटल में ठहरेंगे पार्षद 

सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट के सभी 29 पार्षदों को कम से कम तीन दिनों के लिए बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में ठहराया जाएगा. पार्टी का मानना है कि बीएमसी जैसे देश के सबसे अमीर नगर निकाय में सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए यह रणनीति जरूरी है. राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यह कदम सत्ता में अपनी पकड़ मजबूत करने और विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश का हिस्सा है.

इस घटनाक्रम ने तब और तूल पकड़ लिया जब कुछ ही घंटों पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मेयर पद को लेकर बयान दिया था. ठाकरे ने कहा था कि मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) का मेयर बनना उनका सपना है और उन्हें भरोसा है कि यह सपना ईश्वर की कृपा से पूरा होगा. बीएमसी की कुल 227 सीटों में से यूबीटी ने 65 सीटें जीती हैं, लेकिन इसके बावजूद पार्टी सत्ता से दूर होती नजर आ रही है.

उद्धव ठाकरे का शिंदे गुट पर तीखा हमला

उद्धव ठाकरे गुट ने चुनाव नतीजों के बाद शिंदे गुट पर तीखा हमला बोला है. राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली यूबीटी ने शिंदे को अवसरवादी करार दिया. पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में चुनाव प्रक्रिया, सत्ता और संस्थाओं के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं.

बीएमसी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) की महायुति के पास कुल 118 सीटें हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक हैं. अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने अलग चुनाव लड़ते हुए तीन सीटें जीतीं और वह भी महायुति का हिस्सा है.

वहीं, कांग्रेस को 24 सीटें मिलीं और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) को केवल एक सीट पर संतोष करना पड़ा. यूबीटी, कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) मिलकर महा विकास अघाड़ी का हिस्सा हैं. इसके अलावा एआईएमआईएम ने आठ और समाजवादी पार्टी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है. इन नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है.

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