इंजीनियर युवराज की मौत करे बाद फिर बड़ा हादसा, नोएडा में गड्ढे में डूबने से गई छात्र की जान

नोएडा के सेक्टर-126 में निर्माण स्थल पर भरे पानी में डूबने से एक छात्र की मौत हो गई, जबकि उसके तीन साथी सुरक्षित बचा लिए गए. इस हादसे ने खतरनाक स्थलों को सुरक्षित बनाने के प्रशासनिक दावों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-126 इलाके में एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक छात्र की दर्दनाक मौत ने प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इससे पहले इंजीनियर युवराज की मौत के बाद खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की बात कही गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में ज्यादा बदलाव नजर नहीं आया.

पिकनिक मनाने पहुंचे थे छात्र

मिली जानकारी के अनुसार, एक निजी विश्वविद्यालय के चार छात्र परीक्षा खत्म होने के बाद सुपरनोवा के पास स्थित एक खाली पड़े निर्माण स्थल पर घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचे थे. इस दौरान गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी छात्र हर्षित भट्ट वहां जमा पानी में नहाने के लिए उतर गया. शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोरों को मौके पर बुलाया गया. बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद हर्षित को पानी से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं, उसे बचाने के प्रयास में पानी में उतरे उसके तीन अन्य साथियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. उनकी हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है.

गोताखोरों की मदद से छात्र को बाहर निकाला गया

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डायल-112 पर सूचना मिलते ही टीम तुरंत हरकत में आई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. स्थानीय गोताखोरों की मदद से छात्र को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घटना में किस स्तर पर लापरवाही हुई.

इस हादसे ने एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण के दावों की पोल खोल दी है. पहले भी ऐसे ‘डेथ पॉइंट्स’ को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित बनाने की बात कही गई थी. नए सीईओ द्वारा भी सख्त निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद खतरनाक निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए. नतीजा यह हुआ कि एक और परिवार ने अपने बेटे को खो दिया. यह घटना प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि केवल कागजी दावे नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई जरूरी है.

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