TVK कहीं से भी जिम्मेदार नहीं...करूर भगदड़ पर CBI की पूछताछ में बोले अभिनेता से राजनेता बने विजय
तमिलनाडु में अभिनेता-राजनेता विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ मामले की सीबीआई जांच जारी है, जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी. इस सिलसिले में विजय से दिल्ली स्थित सीबीआई कार्यालय में छह घंटे से अधिक पूछताछ हुई. उन्होंने हादसे के लिए अपनी पार्टी टीवीके की जिम्मेदारी से इनकार किया.

नई दिल्ली : तमिलनाडु में पिछले वर्ष अभिनेता से राजनेता बने विजय के रोड शो के दौरान हुई भीषण भगदड़ को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच अब भी जारी है. इस दर्दनाक घटना में 41 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे. यह हादसा राज्य के हालिया राजनीतिक और सामाजिक इतिहास की सबसे गंभीर घटनाओं में गिना जा रहा है.
दिल्ली में सीबीआई दफ्तर पहुंचे विजय
पार्टी की जिम्मेदारी से किया इनकार
पूछताछ के दौरान विजय ने स्पष्ट किया कि इस भगदड़ के लिए उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं है. पार्टी सूत्रों के अनुसार विजय ने कहा कि स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने आगे किसी भी अनहोनी से बचने के लिए कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया था. इससे पहले पार्टी के जिन पदाधिकारियों से पूछताछ हुई थी, उन्होंने भी यही रुख अपनाया था.
करूर रैली में मची थी भगदड़
यह हादसा 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर जिले में विजय की रैली के दौरान हुआ था. भारी संख्या में जुटी भीड़ के कारण हालात बेकाबू हो गए और भगदड़ मच गई. इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका इलाज लंबे समय तक चला.
अन्य गवाहों से आमना-सामना नहीं
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, सोमवार की पूछताछ के दौरान विजय का किसी अन्य गवाह से आमना-सामना नहीं कराया गया. एजेंसी फिलहाल उनके बयानों को इकट्ठा कर रही है और उन्हें तमिलनाडु पुलिस द्वारा दर्ज विवरणों और अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जाएगा.
दोबारा पूछताछ के संकेत
सीबीआई अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आवश्यकता पड़ने पर विजय को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. उनके बयानों की पुष्टि पुलिस रिकॉर्ड और अन्य गवाहों के बयान से की जाएगी.
पोंगल के कारण पूछताछ स्थगित
सूत्रों के मुताबिक विजय ने पोंगल त्योहार का हवाला देते हुए पूछताछ कुछ समय के लिए टालने का अनुरोध किया है. इसी कारण उन्हें फिलहाल अगले दिन नहीं बुलाया जाएगा. संभावना है कि त्योहार के बाद उन्हें दोबारा जांच एजेंसी के सामने पेश होना पड़े.
पुलिस की भूमिका पर भी सवाल
घटना के बाद तमिलनाडु पुलिस ने दावा किया था कि विजय के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने में कथित देरी के कारण भीड़ लंबे समय तक इंतजार करती रही, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए और अराजकता फैल गई. इसी पहलू को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है.
जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें
41 लोगों की मौत से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब सबकी निगाहें सीबीआई जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं. यह जांच न केवल जिम्मेदारी तय करेगी, बल्कि भविष्य में बड़े राजनीतिक आयोजनों के लिए भी दिशा तय कर सकती है.


