मामा के लड़के को दिल दे बैठी महिला...पति और 3 बच्चों को छोड़ रचाई दूसरी शादी, पहले वाले पति ने उठाया हैरान करने वाला कदम
बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में खलबली मचा दी है. यहां एक महिला जिसकी शादी 11 साल पहले हुई थी और उसके तीन बच्चे भी है. लेकिन अब उसने अपना दिल अपने ममेरे भाई को दे दिया है और आगे भी वह उसके साथ ही रहना चाहती है. महिला को देखते हुए पति ने दोनों की शादी करा दी और उसके प्रेमी के साथ विदा कर दिया.

वैशाली : बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा क्षेत्र से एक ऐसा पारिवारिक मामला सामने आया है, जिसने समाज में रिश्तों की जटिलताओं पर नई बहस छेड़ दी है. यहां एक महिला ने अपने ममेरे भाई के साथ प्रेम संबंध के चलते अपने 11 साल पुराने वैवाहिक रिश्ते को समाप्त कर दिया. इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिला के पहले पति ने न सिर्फ इस फैसले को स्वीकार किया, बल्कि खुद आगे बढ़कर उसकी नई शादी में गवाह भी बना.
शादी के बाद सामान्य चल रहा था पारिवारिक जीवन
सोशल मीडिया से शुरू हुआ नया रिश्ता
इसी बीच रानी कुमारी की बातचीत सोशल मीडिया के जरिए अपने ममेरे भाई गोबिंद कुमार से शुरू हुई. फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हुई यह बातचीत धीरे-धीरे भावनात्मक लगाव में बदल गई. समय के साथ यह रिश्ता इतना गहरा होता चला गया कि दोनों पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम संबंध में थे. परिवार को इसकी भनक तब लगी जब रानी का व्यवहार बदलने लगा.
बार-बार घर छोड़ने से बढ़ा तनाव
कुंदन कुमार के अनुसार, इस प्रेम संबंध के कारण रानी पहले भी कई बार घर छोड़कर जा चुकी थी. जब कुंदन काम के सिलसिले में जम्मू में रह रहे थे, तब भी रानी के अचानक गायब होने की घटनाएं सामने आईं. कुछ समय पहले कुंदन ने उसे समझा-बुझाकर वापस घर लाया था, लेकिन रानी का मन अब भी गोबिंद के साथ ही जुड़ा रहा.
पत्नी की खुशी के लिए पति का फैसला
लगातार विवाद और मानसिक तनाव के बाद कुंदन ने एक असामान्य लेकिन भावनात्मक फैसला लिया. उन्होंने माना कि जब उनकी पत्नी उनके साथ खुश नहीं है, तो जबरन रिश्ते को निभाने का कोई अर्थ नहीं है. इसी सोच के तहत उन्होंने रानी को उसके प्रेमी के साथ नया जीवन शुरू करने की अनुमति दी और कानूनी रूप से उसकी शादी कराने में सहयोग किया.
कोर्ट मैरिज में पहले पति ने निभाई गवाह की भूमिका
रानी और गोबिंद ने अदालत में जाकर शादी की औपचारिकताएं पूरी कीं. इस दौरान रानी का पहला पति कुंदन खुद वहां मौजूद रहा और कानूनी प्रक्रिया में गवाह बना. रानी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अब गोबिंद के साथ रहना चाहती है, जबकि उसके तीनों बच्चे कुंदन के पास ही रहेंगे और वही उनकी परवरिश करेंगे.
कुंदन ने बताया अपने फैसले का कारण
कुंदन कुमार ने कहा कि जब उनकी पत्नी बार-बार घर छोड़ना चाहती थी और मानसिक रूप से उनसे दूर हो चुकी थी, तो उसे रोककर रखना सही नहीं लगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने यह फैसला बच्चों और सभी के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया, ताकि किसी पर जबरदस्ती का बोझ न रहे.
नए पति को रिश्ते पर पूरा भरोसा
शादी के बाद गोबिंद कुमार ने कहा कि वे रानी को लंबे समय से जानते हैं और उनके बीच मजबूत विश्वास है. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें डर नहीं लगता कि रानी भविष्य में उन्हें भी छोड़ सकती है, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें अपने रिश्ते पर पूरा भरोसा है. वहीं रानी ने भी कहा कि वह गोबिंद के साथ ही अपना भविष्य सुरक्षित मानती है और उसी के साथ जीवन बिताना चाहती है.


