भरपूर आवक..फलों की खपत बढ़ने से दामों में उछाल

हालांकि थोक के व्यापारियों का कहना है कि आवक भरपूर है लेकिन खपत अधिक होने से दामों में उछाल जरूर आ गया है। बता दें कि नवरात्रि का उपवास करने वालों के साथ ही रमजान में रोजे रखने वाले मुस्लिमजन भी रोजा खोलने के बाद अधिकांशतः फलों का ही सेवन करते है।

Janbhawana Times

नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि के साथ ही रमजान का माह शुरू होने के बाद फलों की खपत बढ़ गई है। हालांकि थोक के व्यापारियों का कहना है कि आवक भरपूर है लेकिन खपत अधिक होने से दामों में उछाल जरूर आ गया है। बता दें कि नवरात्रि का उपवास करने वालों के साथ ही रमजान में रोजे रखने वाले मुस्लिमजन भी रोजा खोलने के बाद अधिकांशतः फलों का ही सेवन करते है।

यह भी है कारण

  दरअसल फलों की जब मांग बढ़ती है तो छोटे व्यापारियों द्वारा सीधे ही फल उत्पादक किसानों से संपर्क कर फलों को मंगवाकर बेचने का काम किया जाता है और इन्हीं व्यापारियों के किसानों तक पहुंचने से किसान भी फलों के भाव में बढ़ोतरी कर देते है। चुंकि व्यापारी किसानों से बढ़े हुए दाम पर फल खरीदकर लाते है इसलिए बाजार में भी  फल महंगे ही मिलते है। व्यापारियों की यदि माने तो कम से कम इस अप्रैल माह तक तो फल महंगे ही मिलेंगे। 

सबसे अधिक डिमांड

फल व्यापारियों ने बताया कि अभी सबसे अधिक डिमांड यदि है तो वह अंगूर के साथ तरबूज की। इसके अलावा मौसंबी व संतरा की भी डिमांड होने से इनकी खपत अधिक बढ़ गई है और दाम भी बढ़ गए है। सामान्यतः इनकी डिमांग दस से पंद्रह प्रतिशत होती है परंतु अभी तीस से चालीस प्रतिशत डिमांड हो गई है।

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