'बांग्लादेश से दुल्हन खरीदने पर हो सकती है फांसी' चीनी एम्बेसी ने नागरिकों को दी चेतावनी
चीनी एम्बेसी ने चेतावनी दी है कि बांग्लादेश में मानव तस्करी से जुड़े मामलों के खिलाफ बेहद कड़े कानून लागू हैं. अगर कोई व्यक्ति इस अपराध में दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम सात साल की जेल, आजीवन कारावास या गंभीर मामलों में मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है.

नई दिल्ली: चीन में शादी योग्य महिलाओं की कमी के बीच विदेशी महिलाओं को शादी के नाम पर खरीदने और मानव तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए बांग्लादेश स्थित चीनी एम्बेसी ने अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है. एम्बेसी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दलाल, एजेंट या अवैध नेटवर्क के जरिए विदेशी महिला से विवाह करने की कोशिश गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है.
एम्बेसी ने दी चेतावनी
एम्बेसी ने चेतावनी दी है कि बांग्लादेश में मानव तस्करी से जुड़े मामलों के खिलाफ बेहद कड़े कानून लागू हैं. अगर कोई व्यक्ति इस अपराध में दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम सात साल की जेल, आजीवन कारावास या गंभीर मामलों में मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है. इसके अलावा भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है. वहीं, तस्करी में सहयोग करने या अपराध के लिए उकसाने वाले लोगों के खिलाफ भी जेल और जुर्माने का प्रावधान है.
क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह
रिपोर्ट के अनुसार, इस समस्या की बड़ी वजह चीन का इम्बैलेंस सेक्स रेश्यो है. वर्ष 2020 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, देश में विवाह योग्य पुरुषों की संख्या महिलाओं से करीब 1.75 करोड़ अधिक है. इसी असंतुलन का फायदा उठाकर मानव तस्कर विदेशों में शादी कराने के नाम पर अवैध नेटवर्क चला रहे हैं. एम्बेसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विवाह केवल दोनों पक्षों की स्वतंत्र सहमति और विश्वास पर आधारित होने चाहिए, न कि आर्थिक लेन-देन या दलालों के माध्यम से.
महिलाएं हो रही शोषण का शिकार
इस तरह के मामलों में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी धोखाधड़ी और शोषण का शिकार हो रही हैं. कई चीनी नागरिक दुल्हन के लिए बड़ी रकम चुकाने के बाद ठगी का सामना करते हैं, जबकि कई गरीब देशों की महिलाओं को झूठे वादों या अपहरण के जरिए चीन ले जाकर जबरन शादी के लिए मजबूर किया जाता है.
चीन से शुरू की कार्रवाई
मानव तस्करी और फर्जी विवाह गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए चीन ने भी बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 से मार्च 2025 के बीच ऐसे मामलों में 1,546 लोगों को गिरफ्तार किया गया. हाल ही में कई प्रांतों की पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर दर्जनों मामलों का खुलासा किया, कई संदिग्धों पर कार्रवाई की और अवैध संपत्ति भी जब्त की. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा.


