Ex leaks Womans Nudes: कनाडा की एक सिविल कोर्ट ने एक विवादास्पद फैसले में महिला की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने अपने पूर्व प्रेमी द्वारा उसकी न्यूड तस्वीरें ऑफिस में भेजे जाने पर मुआवजे की मांग की थी. कोर्ट का कहना है कि तस्वीरें कार्यस्थल पर और ऑफिस टाइम में ली गई थीं, इसलिए यह मामला जनहित से जुड़ा है और कानून के तहत गोपनीय नहीं माना जा सकता.
ब्रिटिश कोलंबिया सिविल रेजोल्यूशन ट्रिब्यूनल ने महिला की 5,000 डॉलर की मुआवजा याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि जब तस्वीरें ऐसी जगह ली गई हों जो सार्वजनिक रूप से विजिबल हो और सहकर्मियों की पहुंच में हो, तो उन्हें इंटिमेट (निजी) नहीं माना जा सकता. शिकायतकर्ता महिला को दस्तावेजों में MR और उसके एक्स पार्टनर को SS के रूप में उल्लेख किया गया है.
ट्रिब्यूनल की सदस्य मेगन स्टीवर्ट ने अपने फैसले में कहा, "अगर कोई व्यक्ति खुद की निजी तस्वीरें कार्यस्थल पर लेता है, तो उसे गोपनीयता की वैध उम्मीद नहीं हो सकती... चाहे तस्वीर भेजने वाले के इरादे कुछ भी रहे हों." MR ने दावा किया कि SS ने ब्रेकअप के बाद बदले की भावना से तस्वीरें उसके ऑफिस को भेजीं, लेकिन कोर्ट ने तस्वीरों की प्रकृति और स्थान को देखते हुए इसे निजी मानने से इनकार कर दिया.
कोर्ट ने यह भी कहा कि तस्वीरें ऑफिस के फ्रंट काउंटर जैसी जगहों पर ली गई थीं जो सहकर्मियों और ग्राहकों की पहुंच में आती हैं. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति ऑफिस मैनेजमेंट को इस तरह की जानकारी देता है, तो उसे सार्वजनिक हित में सही माना जा सकता है. ट्रिब्यूनल ने माना कि भले ही तस्वीरें निजी प्रकृति की लगें, लेकिन कार्यस्थल में अनुशासन और नैतिकता की दृष्टि से उन्हें साझा करना गैरकानूनी नहीं है.
MR ने खुद स्वीकार किया कि तस्वीरें काम के घंटों में और ऑफिस परिसर में ली गई थीं. SS ने इन्हें ऑफिस को भेजते हुए इसे वर्कप्लेस मिसकंडक्ट (कार्यक्षेत्र में अनुचित व्यवहार) बताकर सूचना देने की बात कही. जबकि MR ने दावा किया कि यह सिर्फ ब्रेकअप के बदले की भावना थी. कोर्ट ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि यदि कार्यस्थल के नियमों के उल्लंघन की बात है, तो इसे रिपोर्ट करना वैध माना जा सकता है.
इस फैसले ने इंटरनेट और आधुनिक कार्यस्थल की दुनिया में गोपनीयता और प्रोफेशनलिज़्म की परिभाषा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. ब्रिटिश कोलंबिया का Intimate Images Protection Act (IIPA) आमतौर पर ऐसी निजी तस्वीरों की बिना अनुमति शेयरिंग को रोकने के लिए बना है, लेकिन कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब मामला कार्यस्थल से जुड़ा हो, तो गोपनीयता की अपेक्षा सीमित हो जाती है. First Updated : Friday, 27 June 2025