रूस का 56 साल पुराना सरकारी घर बना चर्चा का विषय, वीडियो ने खींचा लोगों का ध्यान

सोशल मीडिया पर वायरल रूस के 56 साल पुराने सरकारी फ्लैट ने लोगों को हैरान कर दिया है, क्योंकि उसमें आज भी गर्म पानी, हीटिंग और अच्छी संरचना जैसी सुविधाएं मौजूद हैं. वीडियो के बाद लोग रूस और भारत के सरकारी आवासों की गुणवत्ता व रखरखाव की तुलना कर रहे हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: भारत में सरकारी आवास पाने के लिए लोगों को कई चरणों वाली प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. आवेदन, पात्रता की जांच और आवंटन की औपचारिकताओं के बाद ही किसी व्यक्ति को सरकारी फ्लैट मिलता है. इसी बीच रूस के एक पुराने सरकारी फ्लैट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

महिला ने वीडियो में दिखाया फ्लैट 

वायरल वीडियो में एक महिला अपने परिवार को मिला सरकारी फ्लैट दिखाती नजर आती है. बताया जा रहा है कि यह आवास उसकी दादी को सोवियत संघ के समय आवंटित किया गया था. खास बात यह है कि कई दशक पुराने होने के बावजूद फ्लैट आज भी अच्छी स्थिति में दिखाई देता है. घर की संरचना, रखरखाव और उपलब्ध सुविधाओं ने इंटरनेट यूजर्स को प्रभावित किया है.

वीडियो में दिखाया गया फ्लैट करीब 56 साल पुराना बताया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद इसकी हालत काफी बेहतर नजर आती है. कमरों की डिजाइन, मजबूत निर्माण और व्यवस्थित इंटीरियर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. महिला वीडियो में बताती है कि घर में गर्म और ठंडे दोनों प्रकार के पानी की सुविधा मौजूद है. इसके अलावा फ्लैट में हीटिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जो रूस जैसे अत्यधिक ठंडे देश में बेहद जरूरी माना जाता है.

रूस में सर्दियों के दौरान तापमान कई बार शून्य से काफी नीचे पहुंच जाता है. ऐसे में घरों में हीटिंग की व्यवस्था वहां की बुनियादी जरूरतों में शामिल होती है. वीडियो देखने वाले कई लोगों ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि इतने पुराने सरकारी आवास में भी सुविधाओं का स्तर काफी अच्छा बना हुआ है. कुछ यूजर्स ने इसे बेहतर निर्माण गुणवत्ता और लंबे समय तक रखरखाव का उदाहरण बताया.

भारत और रूस के सरकारी आवासों की तुलना 

इस वीडियो के सामने आने के बाद कई लोगों ने भारत और रूस के सरकारी आवासों की तुलना भी शुरू कर दी. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स का कहना था कि भारत में कई सरकारी भवन अपेक्षाकृत कम समय में मरम्मत की जरूरत महसूस करने लगते हैं, जबकि इस रूसी फ्लैट की स्थिति दशकों बाद भी संतोषजनक दिखाई दे रही है.

हालांकि, कई लोगों ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और रूस की जलवायु व भौगोलिक परिस्थितियां पूरी तरह अलग हैं. रूस में कड़ाके की ठंड से निपटने के लिए आवासों में विशेष सुविधाएं अनिवार्य होती हैं, जबकि भारत की जरूरतें अलग हैं. इसके बावजूद वायरल वीडियो ने लोगों के बीच सरकारी आवासों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. कई दर्शकों ने इस पुराने फ्लैट को आरामदायक, सुव्यवस्थित और समय की कसौटी पर खरा उतरने वाला आवास बताया.

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