दुनिया का इकलौता देश जहां समोसा खाने, बेचने और बनाने पर है पूरी तरह प्रतिबंधित, रूल तोड़ने पर मिलती है कठोर सजा

पूरी दुनिया में एक ऐसा देश है, जहां समोसा खाने पर प्रतिबंधि लगा है. अगर कोई गलती से समोसा खा लिया या बना लिया तो उसे कड़ी सजा दी जाती है.

Sonee Srivastav

Viral: भारत में समोसा हर किसी का चहेता नाश्ता है. तिकोना, कुरकुरा और मसालेदार समोसा चाय के साथ, हरी चटनी या इमली की खट्टी-मीठी चटनी के साथ खाने में मजा आता है. आलू, मटर, प्याज और गरम मसालों से भरा यह स्नैक सड़क किनारे, चाय की दुकानों, रेलवे स्टेशनों और घर की पार्टियों में हर उम्र के लोग चाव से खाते हैं. 

यह सस्ता, आसानी से मिलने वाला और पेट भरने वाला नाश्ता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां समोसा बनाना, बेचना या खाना पूरी तरह प्रतिबंधित है? नाम सुनकर हैरानी होगी क्योंकि यह यह देश है सोमालिया.

सोमालिया में समोसे पर प्रतिबंध

सोमालिया, पूर्वी अफ्रीका का यह देश लंबे समय से अस्थिरता और संघर्ष की वजह से चर्चा में रहा है. साल 2011 में यहां के कट्टर संगठन अल-शबाब ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों में समोसे पर पूर्ण बैन लगा दिया. संगठन के सदस्य लाउडस्पीकर वाले वाहनों पर घूम-घूमकर ऐलान करते कि अब समोसा बनाना, बेचना या खाना मना है.

उल्लंघन करने वालों को सजा का डर दिखाया जाता था.लोगों को समझ नहीं आया कि एक साधारण नाश्ते पर इतना सख्त कदम क्यों उठाया गया.

बैन के पीछे अजीब कारण

अल-शबाब का तर्क काफी विचित्र था. उन्होंने समोसे के त्रिकोणीय आकार को ईसाई धर्म के पवित्र चिन्ह ‘ट्रिनिटी’ (तीन में एक) से जोड़ दिया. उनका कहना था कि यह आकार उनके सख्त धार्मिक नियमों के खिलाफ है और लोगों के मन में गलत प्रभाव डालता है. इसलिए उन्होंने इसे ‘पश्चिमी प्रभाव’ मानकर प्रतिबंधित कर दिया. 

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि 2011 के भयंकर अकाल के दौरान कुछ व्यापारियों ने सड़े-गले मीट का इस्तेमाल समोसे में किया, जिससे स्वास्थ्य को खतरा बढ़ा. संगठन ने इसे भी अपने धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध बताकर बैन को सही ठहराया.

आज भी जारी है असर

हालांकि सोमालिया के कुछ हिस्सों में स्थिति में बदलाव आया है, लेकिन अल-शबाब के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में यह प्रतिबंध आज भी प्रभावी माना जाता है. वहां लोग समोसे जैसी चीजों से दूर रहते हैं. भारत में जहां समोसा रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है, वहीं सोमालिया जैसे देश में एक साधारण स्नैक भी धार्मिक और राजनीतिक कारणों से विवाद का विषय बन सकता है. 

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