घूमने जाता था विदेश, सैलरी थी 9 हजार, शौक नवाबों जैसे, राज सुनकर चकरा गई पुलिस

मध्य प्रदेश के मुरैना के पहाड़गढ़ स्थित मनोहरपुरा निवासी रामअवतार धाकड़ अक्सर विदेश यात्रा करते रहते थे. वह बहादुर आदमी, जो विलासितापूर्ण जीवन जीना पसंद करता था, महंगी कारों में घूमता था. वेतन मात्र 9000 रुपये था. रामावतार कहारपुरा पंचायत में कार्यरत हैं. लोकायुक्त टीम धाकड़ का पीछा करते हुए उसे उसके घर ले गई. कमाई का राज जानकर अधिकारी भी दंग रह गए.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

यह खबर पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे. एक रोजगार सहायक कभी-कभी विदेश यात्रा पर जाता था. उनका वेतन मात्र 9 हजार रुपये था. लेकिन, उनकी जीवनशैली किसी राजसी जीवन से कम नहीं थी. यह टीम पांच बार मलेशिया और दो बार ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर चुकी है. लोगों को उस रोजगार सहायक पर संदेह हो गया, जो विलासितापूर्ण जीवन जीने का शौकीन था. वहां फेसबुक पर उनकी एक पोस्ट ने उन्हें सचमुच चौंका दिया. इसके बारे में बाद में और अधिक जानें.

मध्य प्रदेश के मुरैना में 9 हजार रुपए वेतन ले रहे रोजगार सहायक रामअवतार धाकड़ के खिलाफ लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की है. रामावतार एक शानदार जीवन जीते थे और उनके शौक किसी नवाब से कम नहीं थे.

हर दिन मलेशिया-ऑस्ट्रेलिया दौरे

रोजगार सहायक रामावतार धाकड़ महंगी कारों में घूमते थे. वह हर दिन मलेशिया-ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाते थे. ढाका ने मलेशिया का पांच बार और ऑस्ट्रेलिया का दो बार दौरा किया है. रामअवतार मुरैना के पहाड़गढ़ की कहारपुरा पंचायत में ग्राम रोजगार सहायक के पद पर कार्यरत हैं.

सैलरी थी 9 हजार

लोकायुक्त को अब तक 1.5 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं. 2 लाख 24 हजार रुपए नकद मिले हैं. 2014 में उन्हें रोजगार सहायक के पद पर नियुक्त किया गया. उस समय उनका वेतन मात्र 3000 रुपये प्रति माह था और अब यह बढ़कर 9000 रुपये हो गया है.

तीन ठिकानों पर छापेमारी

लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को रामावतार धाकड़ के तीन ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें ग्वालियर में उनके किराए के मकान, पहाड़गढ़ के मनोहरपुरा स्थित मकान और कैलारस के पहाड़गढ़ स्थित आवास पर छापा मारा गया. यह ऑपरेशन 12 घंटे से अधिक समय तक चला. इस दौरान 1 करोड़ 46 लाख 46 हजार रुपए मूल्य की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए. 2 लाख 24 हजार रुपए की नकदी जब्त की गई. बताया गया कि यह संपत्ति 11 वर्षों में अर्जित की गई.

2 लाख 24 हजार रुपए की नकदी जब्त

पिछले कुछ वर्षों से ग्राम रोजगार सहायक रामअवतार ने गांव के लोगों से संपर्क तोड़ दिया था और एकाकी जीवन जीने लगा था. लोगों को संदेह हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत की. लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी को इसकी जानकारी दी गई. उन्होंने यह संपत्ति अपने दोस्तों के नाम पर लेना शुरू कर दिया. मामला हाल ही में तब गरमा गया जब उन्होंने फेसबुक पर एक लग्जरी कार खरीदते हुए अपनी एक फोटो पोस्ट की. उनकी 2 लाख 24 हजार रुपए की नकदी जब्त की गई है और यह संपत्ति उन्होंने 11 साल में अर्जित की है.

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