मौत के बाद क्या होता है? ‘मरकर लौटे’ लोगों ने बताए हैरान कर देने वाले अनुभव
कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर मौत के करीब पहुंचने के अपने अनुभव साझा किए हैं. किसी को शांति और यादें महसूस हुईं, तो किसी को अंधेरा या सन्नाटा. अलग-अलग अनुभवों ने मौत के रहस्य को और भी दिलचस्प बना दिया है.

जीवन का सबसे बड़ा सच अगर कोई है तो वह है मौत. हर इंसान जानता है कि एक दिन जीवन समाप्त होना तय है, लेकिन इसके बाद क्या होता है, यह आज भी एक रहस्य बना हुआ है. विज्ञान ने भले ही बहुत प्रगति कर ली हो, लेकिन मौत के अनुभव को पूरी तरह समझ पाना अभी भी आसान नहीं है.
दुनिया भर में कई लोग ऐसे रहे हैं जिन्हें कुछ समय के लिए चिकित्सकीय रूप से मृत घोषित कर दिया गया था, लेकिन बाद में वे फिर से जीवित हो गए. ऐसे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर कुछ यूजर्स ने बताया कि उस समय उन्हें क्या महसूस हुआ और उनका अनुभव कैसा था.
जीवन की यादें जैसे किताब के पन्ने
एक रेडिट यूजर, जिसने अपना नाम ‘मॉनिटरमंकी’ बताया, ने अपने अनुभव के बारे में लिखा कि कुछ साल पहले उसकी बड़ी सर्जरी हुई थी. ऑपरेशन के दौरान उसके शरीर से काफी खून बह गया था और डॉक्टरों ने उसे कुछ समय के लिए मृत घोषित कर दिया था. उसने बताया कि उस दौरान उसे ऐसा लगा जैसे वह किसी खाली और शांत जगह पर मौजूद है. वह जगह अंतरिक्ष जैसी महसूस हो रही थी, जहां न कोई तारे थे और न रोशनी. वहां न गर्मी थी और न ठंड. उसे न भूख लग रही थी और न थकान महसूस हो रही थी.
उसने कहा कि उस समय वह अपने जीवन के बारे में सोच रहा था, लेकिन यह किसी फिल्म की तरह नहीं था. बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी किताब के पन्ने पलट रहा हो और जीवन की यादें एक-एक करके सामने आ रही हों. इस अनुभव के बाद उसके जीवन और मौत को लेकर विचार बदल गए.
दुर्घटना के बाद सुनाई दी आवाज
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वह बाइक से सफर कर रहा था, तभी एक दुर्घटना हो गई. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था. उसने कहा कि उस दौरान उसे ऐसा लगा जैसे सब कुछ धीरे-धीरे अंधेरा हो गया और चारों तरफ शांति छा गई. उसने बताया कि उसी समय उसे किसी की आवाज सुनाई दी जो उसे उठने के लिए कह रही थी. जब उसने आंखें खोलीं तो उसे ऐसा लगा जैसे उसका भाई उसके पास बैठा है. हालांकि उसके भाई की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी थी. थोड़ी देर बाद वह दृश्य गायब हो गया और फिर उसे होश आ गया.
महिला ने देखा अजीब सा बगीचा
एक महिला ने भी अपना अनुभव साझा किया. उसने बताया कि एक बार उसे एलर्जी के कारण गंभीर प्रतिक्रिया हुई, जिससे उसकी दिल की धड़कन रुक गई थी. उस दौरान उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई शक्ति उसे धीरे-धीरे पीछे की ओर खींच रही हो. कुछ समय बाद उसे ऐसा लगा कि वह किसी बगीचे को देख रही है. वहां ज्यादा हरियाली नहीं थी, लेकिन बीच में एक झूला था और दो बच्चे वहां खेल रहे थे.
महिला ने बताया कि उसे ऐसा महसूस हो रहा था कि वह चाहे तो वहीं रुक सकती है या फिर वापस जा सकती है. आखिर में जब उसने अपने परिवार, खासकर अपनी मां के बारे में सोचा, तो उसे लगा कि कोई शक्ति उसे वापस जाने की अनुमति दे रही है. इसके बाद उसे होश आ गया. डॉक्टरों के अनुसार उसका दिल करीब छह मिनट तक बंद रहा था.
मौत जैसा लगा गहरी नींद
एक अन्य यूजर ने बताया कि उसे दिल का दौरा पड़ा था और अस्पताल में उसका दिल तीन बार रुक गया था. डॉक्टर हर बार उसे झटका देकर वापस लाने की कोशिश कर रहे थे. उसने कहा कि उस दौरान उसे कोई रोशनी या अजीब दृश्य नहीं दिखाई दिया. उसे बस ऐसा महसूस हो रहा था जैसे गहरी नींद आने वाली हो. हर बार जब डॉक्टर उसे होश में लाते थे, तो वह मजाक में कोई चुटकुला सुना देता था.
कुछ लोगों ने महसूस किया सिर्फ सन्नाटा
कुछ लोगों का अनुभव इससे भी अलग रहा. एक यूजर ने बताया कि बाइक दुर्घटना के बाद उसकी सांस और दिल की धड़कन कुछ समय के लिए बंद हो गई थी. उसने कहा कि उस दौरान उसे कुछ भी महसूस नहीं हुआ. न कोई सपना था, न कोई दृश्य और न ही कोई आवाज. उसे सिर्फ ऐसा लगा जैसे चारों तरफ गहरा सन्नाटा हो. कुछ मिनट बाद उसके दोस्त ने उसे होश में ला दिया और वह बच गया.
अलग-अलग अनुभव, लेकिन रहस्य बरकरार
इन सभी अनुभवों से एक बात साफ होती है कि मौत के करीब पहुंचने का अनुभव हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है. किसी को शांति महसूस होती है, किसी को अपने जीवन की यादें दिखती हैं, तो कुछ लोगों को कुछ भी महसूस नहीं होता. हालांकि इन घटनाओं के बावजूद मौत के बाद क्या होता है, यह सवाल आज भी रहस्य बना हुआ है और शायद आने वाले समय में भी यह पूरी तरह समझ पाना आसान नहीं होगा.


