असम, केरल और पुडुचेरी में आज शाम से थम जाएगा चुनाव प्रचार, 9 अप्रैल को 296 सीटों पर होगी वोटिंग
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है! आज दोनों राज्यों में नामांकन पत्रों की जांच हो रही है। कल नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी, जबकि उम्मीदवार गुरुवार तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। अब नजरें प्रत्याशियों की किस्मत पर टिकी हैं!

असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम को समाप्त हो जाएगा. इन तीनों राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश की कुल 296 सीटों पर मतदान गुरुवार को एक ही चरण में होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को असम के बरपेटा, होजाई और डिब्रूगढ़ में जनसभाओं को संबोधित करते हुए भरोसा जताया कि भाजपा राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि असम के हर जिले और क्षेत्र का विकास उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
PM मोदी का असम में आत्मविश्वास भरा बयान
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में असम में शांति और समृद्धि का नया दौर देखने को मिला है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की कि वे भाजपा और एनडीए को एक बार फिर भारी मतों से जिताकर विकास की राह पर आगे बढ़ने का मौका दें.
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में नामांकन पत्रों की जांच आज
तमिलनाडु में एक चरण के मतदान और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन पत्रों की जांच आज होगी. दोनों राज्यों में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि कल समाप्त हो गई, जबकि उम्मीदवार गुरुवार तक अपने नाम वापस ले सकते हैं. तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों और पश्चिम बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा. पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होगा. चारों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के लिए मतगणना अगले महीने 4 तारीख को की जाएगी.
केरल में त्रिकोणीय मुकाबला तेज
केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के अंतिम दिन कांग्रेस, भाजपा और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के बीच जोरदार आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला. एलडीएफ ने अपनी प्रगति रिपोर्ट जारी करते हुए दावा किया कि उसने 2021 के 97 प्रतिशत वादों को पूरा कर लिया है. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, केरल में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिला और 273 तृतीय लिंग सहित कुल 2.71 करोड़ मतदाता तथा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता मतदान करने के पात्र हैं.
असम में जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को असम में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी चाय बागानों में रहने वाली जनजातियों को केवल वोट बैंक के रूप में देखती है, लेकिन उनके वास्तविक कल्याण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती. डूमडूमा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रूपेश गोवाला के समर्थन में रैली को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में घुसपैठियों को शरण दी. उन्होंने याद दिलाया कि चाय बागानों की जनजातियां 19वीं शताब्दी में औपनिवेशिक काल के दौरान झारखंड, ओडिशा और बिहार के आदिवासी क्षेत्रों से लाए गए श्रमिकों की वंशज हैं.
