केरलम में बड़ा उलटफेर, वामपंथी गढ़ चथन्नूर में BJP की ऐतिहासिक जीत

केरल में BJP उम्मीदवार B.B. गोपाकुमार ने वामपंथी उम्मीदवार को 4,000 वोटों के अंतर से हरा दिया है. 2021 के विधानसभा चुनावों में वामपंथी दल ने यह सीट 17,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीती थी.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

Kerala Result: केरल में BJP उम्मीदवार B.B. गोपाकुमार ने वामपंथी उम्मीदवार को 4,000 वोटों के अंतर से हरा दिया है. 2021 के विधानसभा चुनावों में वामपंथी दल ने यह सीट 17,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीती थी. कांग्रेस पार्टी केरल में सरकार बनाने की स्थिति में दिख रही है लेकिन BJP ने राज्य में अपना खाता सफलतापूर्वक खोल लिया है.

उसने चथन्नूर निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की है यह एक ऐसी सीट है जिसे पारंपरिक रूप से वामपंथी दल का गढ़ माना जाता रहा है. BJP उम्मीदवार B.B. गोपाकुमार ने वामपंथी उम्मीदवार को 4,000 वोटों से हराया.

कितने वोट मिले

2021 के विधानसभा चुनावों में वामपंथी दल ने यह सीट 17,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीती थी. B.B. गोपाकुमार को 50,000 से ज्यादा वोट मिले. उन्होंने CPI के R. राजेंद्रन को हराया. कांग्रेस उम्मीदवार सूरज रवि तीसरे स्थान पर रहे. आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार अरुण को महज 613 वोट मिले और वे चौथे स्थान पर रहे.

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार दोपहर 3:00 बजे तक BJP दो निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रही है. इनमें से गोपाकुमार पहले ही जीत हासिल कर चुके हैं जबकि राजीव चंद्रशेखर जो नेमोम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं फिलहाल आगे चल रहे हैं. उन्हें लगभग 3,000 वोटों की बढ़त हासिल है. नेमोम में CPI(M) के V. शिवनकुट्टी दूसरे स्थान पर हैं जिन्हें अब तक 36,000 से ज्यादा वोट मिले हैं.

केरल में सरकार बनाने के लिए तैयार 

वोटों की गिनती के शुरुआती रुझानों के अनुसार जो सोमवार को 9 अप्रैल को केरल में हुए विधानसभा चुनावों के लिए शुरू हुई थी. कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) एक दशक के बाद राज्य में सत्ता में जोरदार वापसी कर रहा है. दोपहर 3:00 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार UDF केरल में 90 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रहा है जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) वामपंथी गठबंधन दस साल बाद सत्ता से बाहर होता दिख रहा है. LDF फिलहाल 34 सीटों पर आगे चल रहा है. 

जीत से कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साहित

केरल में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ राज्य पार्टी मुख्यालय पर उमड़ पड़ी, वे नारे लगा रहे थे, ढोल बजा रहे थे और मिठाइयां बांट रहे थे. जश्न तब और तेज हो गया जब बड़ी-बड़ी टेलीविजन स्क्रीन पर UDF को 140-सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा पार करते हुए दिखाया गया, और आखिरकार वह 90 सीटों के आंकड़े को भी पार कर गया. कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर वरिष्ठ नेताओं का जोरदार स्वागत किया गया. रमेश चेन्निथला का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया गया, जबकि K.C. वेणुगोपाल को नारों और ढोल की थाप के बीच दफ्तर में ले जाया गया.

वामपंथ की हार 

LDF की हार के साथ 1960 के दशक के बाद यह पहली बार होगा जब भारत के किसी भी राज्य में वामपंथी पार्टियों की सत्ता नहीं होगी. अधिकारियों ने बताया कि इस काम के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है जिनमें 140 रिटर्निंग अधिकारी, 1,340 सहायक रिटर्निंग अधिकारी, 4,208 माइक्रो-पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना पर्यवेक्षक और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं.

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