CM बनने से पहले विजय से हुई बड़ी गलती! क्या अब मुख्यमंत्री का दावा पेश नहीं कर पाएंगे थलापति?

एक्टर विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश करते वक्त राज्यपाल को जो लिस्ट दी, उसमें बड़ी चूक थी। उन्होंने सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दावा करने के बजाय एक ऐसी लिस्ट सौंपी जिसमें TVK के 108 विधायकों के साथ कांग्रेस के विधायकों के भी साइन थे।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: तमिलनाडु में अगली सरकार कौन बनाएगा, इस पर सस्पेंस गहराता जा रहा है। एक्टर विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े 118 तक नहीं पहुंच पाई। इसी वजह से राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर बार-बार विजय को जरूरी नंबर लाने को कह रहे हैं। इस बीच सामने आया है कि 6 मई को राज्यपाल को सौंपे गए एक पत्र में हुई गलती विजय पर भारी पड़ रही है।

क्या थी वो गलती जो पड़ रही भारी?   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक्टर विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश करते वक्त राज्यपाल को जो लिस्ट दी, उसमें बड़ी चूक थी। उन्होंने सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दावा करने के बजाय एक ऐसी लिस्ट सौंपी जिसमें TVK के 108 विधायकों के साथ कांग्रेस के विधायकों के भी साइन थे। 

दिक्कत ये हुई कि TVK और कांग्रेस के विधायकों को मिलाकर भी 118 का आंकड़ा पूरा नहीं हो रहा था। कांग्रेस के नाम जोड़ने की वजह से TVK का दावा सिंगल लार्जेस्ट पार्टी का नहीं रहा, बल्कि गठबंधन सरकार का बन गया। बस यहीं राज्यपाल को मौका मिल गया। उन्होंने साफ कह दिया कि 118 विधायकों के साइन वाली लिस्ट लाओ।

अभिनेता ने सीनियर नेता की सलाह को किया नजरअंदाज   

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक विजय को यह गलती न करने की सलाह भी मिली थी। AIMDMK से TVK में आए 9 बार के विधायक के ए सेंगोत्तैयन ने पार्टी को सुझाव दिया था कि सिर्फ TVK के 108 विधायकों की लिस्ट लेकर जाएं। कांग्रेस विधायकों के नाम न जोड़ें। लेकिन पार्टी ने TVK और कांग्रेस दोनों के नाम वाली लिस्ट बना दी। नतीजा, बहुमत से दूर रह गए।

DMK-AIADMK पका रहे नई खिचड़ी?   

आपको बताते चलें कि तमिलनाडु में सियासी बवाल के बीच अब सबकी नजरें VCK और वामपंथी दलों पर हैं। इन दलों ने कहा है कि वे आज तय करेंगे कि विजय को समर्थन देना है या नहीं। यदि ये दल साथ आ जाते हैं तो विजय के पास जरूरी नंबर हो जाएंगे। 

दूसरी तरफ, सियासी गलियारों में नई चर्चा भी गर्म है। सूत्र बता रहे हैं कि DMK, AIADMK को बाहर से समर्थन दे सकती है। मकसद साफ है, TVK को सत्ता से दूर रखना। अगर ऐसा हुआ तो तमिलनाडु की राजनीति में यह सबसे बड़ा उलटफेर होगा।

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