Banking : सरकार ने बैंकों को लेकर दी अहम जानकारी, 5 सालों में ग्राहकों से वसूले गए इतने करोड़ रुपये का सर्विस चार्ज

Bank Charges : वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने कहा कि बैंको ने सबसे ज्यादा पेनल्टी बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने को लेकर वसूला है.

Nisha Srivastava

Bank Service Charges : देश का सरकारी बैंक हो या प्राइवेट सभी ग्राहकों से एक सर्विस चार्ज लेते हैं. यह भुगतान ग्राहकों को अकाउंट में मिनिमम बैलेंस न होने पर, एसएमएस सर्विसेज और एडिशनल एटीएम के नाम पर करना होता है. अब बैंकों के इस सर्विस चार्ज पेनल्टी को लेकर सरकार ने बड़ी जानकारी दी है. 2018 के बाद से पिछले पांच सालों में बैंक ने अपने अकाउंट होल्डर्स से 35,587 करोड़ रुपये सर्विस चार्ज के नाम पर वसूले हैं.

सरकार ने दी जानकारी

संसद में मानसूत्र सत्र चल रहा है. राज्यसभा सांसद अमी याग्निक ने प्रश्नकाल में इस मामले से संबंधित सवाल किया. उनके सवालों के जवाब में वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने कहा कि बैंको ने सबसे ज्यादा पेनल्टी बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने को लेकर वसूला है. उन्होंने बताया कि बैंकों ने वर्ष 2018 के बाद मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर 21,044.04 करोड़ रुपये की वसूली की है. वहीं एटीएम पर खाताधारकों के फिक्स्ड फ्री ट्रांजेक्शन के अलावा अतिरिक्त ट्रांजेक्शन करने पर 8289.32 करोड़ रुपये का चार्ज लिया है.

SMS सर्विसेज के लिए इतना चार्ज

संसद में मंत्री भागवत कराड ने कहा कि बैंकों ने एसएमएस सर्विसेज उपलब्ध कारने के एवज में 6254.32 करोड़ रुपये का सर्विस चार्ज लिया है. वहीं उनसे सवाल पूछा गया कि बैंकों द्वारा सर्विस चार्ज लेने पर सरकार क्या कर रही है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार और आरबीआई ने देश के गरीब वर्गों के लोगों के लिए बैंकिंग सर्विसेज को अफोर्डेबल बनाने के लिए कई कदम उठाएं हैं. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत ओपन किए गए अकाउंट्स पर कोई चार्ज नहीं वसूला जाता है. इनमें मिनिमम बैलेंस रखने की भी कोई जरूरत नहीं है.

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