शेयर बाजार में लगातार गिरावट, टाटा और अंबानी को तगड़ा झटका!
शेयर बाजार में गिरावट का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार आठवें कारोबारी सत्र में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा. सेंसेक्स बीते आठ सत्रों में 2600 से ज्यादा अंक लुढ़क चुका है, जबकि निफ्टी में भी 810 अंकों की गिरावट देखी गई.

शेयर बाजार में गिरावट का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार आठवें कारोबारी सत्र में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा. सेंसेक्स बीते आठ सत्रों में 2600 से ज्यादा अंक लुढ़क चुका है, जबकि निफ्टी में भी 810 अंकों की गिरावट देखी गई. खास बात यह रही कि इस नुकसान का सबसे बड़ा असर देश की दो दिग्गज कंपनियों—रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर पड़ा. इन दोनों कंपनियों को मिलाकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
इस भारी गिरावट के चलते देश की टॉप 10 कंपनियों में से 8 कंपनियों को कुल 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा. इनमें एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एसबीआई, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और आईटीसी जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं. हालांकि, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक के मार्केट कैप में इजाफा देखने को मिला, जिसने निवेशकों को कुछ राहत दी.
रिलायंस और TCS को सबसे बड़ा नुकसान
शेयर बाजार में जारी इस गिरावट का सबसे बड़ा असर रिलायंस इंडस्ट्रीज और TCS पर पड़ा.
- रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 67,526.54 करोड़ रुपये घटकर 16,46,822.12 करोड़ रुपये रह गया.
- TCS का मूल्यांकन 34,950.72 करोड़ रुपये घटकर 14,22,903.37 करोड़ रुपये पर आ गया.
कौन सी कंपनियों को हुआ फायदा?
जहां एक ओर अधिकांश कंपनियों को नुकसान झेलना पड़ा, वहीं भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक ने मार्केट कैप के मामले में बढ़त बनाई. भारती एयरटेल का मार्केट कैप 22,426.2 करोड़ रुपये बढ़कर 9,78,631.54 करोड़ रुपये हो गया. आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण 1,182.57 करोड़ रुपये बढ़कर 8,88,815.13 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार गिरावट
- सेंसेक्स पिछले 8 कारोबारी सत्रों में 2,644.6 अंक (3.36%) गिरा.
- निफ्टी में 810 अंकों (3.41%) की गिरावट देखी गई.
निवेशकों के लिए अलर्ट!
अगर शेयर बाजार में गिरावट का यह सिलसिला जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में निवेशकों को और बड़ा नुकसान हो सकता है. ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत है.


