1 अप्रैल से बदल जाएगा आपका टैक्स! HRA, गिफ्ट, मील वाउचर, कंपनी कार... जानिए सभी बड़े बदलाव
1 अप्रैल से यह देशभर में लागू हो जाएगा और पुराना आयकर अधिनियम 1961 अब इतिहास बन जाएगा. नए कानून में कई बड़े और रोचक बदलाव हैं, जो आपकी जेब और टैक्स फाइलिंग को आसान-जटिल दोनों बना सकते हैं.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस ने इनकम टैक्स नियम, 2026 को आधिकारिक रूप से नोटिफाई कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे. ये नए नियम सैलरीड कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न अलाउंस और सुविधाओं के टैक्सेशन के लिए संशोधित ढांचा पेश करते हैं. पुरानी व्यवस्था में कई दशकों से अपडेट नहीं हुए लिमिट्स को अब मौजूदा महंगाई और वास्तविकता के अनुसार बढ़ाया गया है, जिससे सैलरीड क्लास को बड़ी राहत मिलेगी.
नए नियमों में एचआरए छूट के दायरे का विस्तार, बच्चों से जुड़े अलाउंस में भारी बढ़ोतरी, कंपनी कार और अन्य पर्क्स के वैल्यूएशन में बदलाव जैसे महत्वपूर्ण अपडेट शामिल हैं. ये बदलाव मुख्य रूप से पुरानी टैक्स रिजीम में लागू होंगे, जबकि नई रिजीम में ज्यादातर छूट उपलब्ध नहीं रहेंगी. तो आइए जानते हैं प्रमुख बदलावों के बारे में विस्तार से.
मकान किराया भत्ता में बड़ा विस्तार
पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत अब मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई के अलावा हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु को भी उच्च एचआरए छूट वाले शहरों में शामिल किया गया है. इन शहरों में रहने वाले कर्मचारी अपने वेतन का 50 प्रतिशत तक HRA छूट क्लेम कर सकेंगे, जबकि अन्य शहरों में यह सीमा 40 प्रतिशत रहेगी. नई टैक्स रिजीम में HRA छूट बिल्कुल उपलब्ध नहीं होगी.
बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल अलाउंस में भारी बढ़ोतरी
संशोधित नियमों के तहत बच्चों से जुड़े भत्तों में काफी राहत दी गई है. बच्चों का एजुकेशन अलाउंस 100 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा कर दिया गया है, जो अधिकतम दो बच्चों के लिए लागू रहेगा. इसी तरह हॉस्टल खर्च अलाउंस 300 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. ये लाभ भी केवल पुरानी टैक्स रिजीम में मिलेंगे.
कंपनी कार और मोटर वाहन पर्क्स के नए टैक्स नियम
नए नियमों में कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई या किराए पर ली गई कार के लिए पर्क वैल्यूएशन अपडेट किया गया है. कंपनी की कार या किराए पर ली गई कार पर खर्च का क्लेम:-
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1.6 लीटर तक की इंजन क्षमता: ₹5,000 प्रति माह + ₹3,000 ड्राइवर के लिए
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1.6 लीटर से अधिक इंजन क्षमता: ₹7,000 प्रति माह + ₹3,000 ड्राइवर के लिए
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कर्मचारी द्वारा खर्च किए गए रकम पर टैक्स क्लेम:
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1.6 लीटर तक: ₹2,000 प्रति माह + ₹3,000 ड्राइवर के लिए
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1.6 लीटर से अधिक: ₹3,000 प्रति माह + ₹3,000 ड्राइवर के लिए
कर्मचारी की कार पर कंपनी द्वारा किए गए खर्च पर टैक्स क्लेम:-
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1.6 लीटर तक: कंपनी खर्च से ₹5,000 प्रति माह घटाए जाएंगे + ड्राइवर के लिए ₹3,000 अतिरिक्त
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1.6 लीटर से अधिक: कंपनी खर्च से ₹7,000 प्रति माह घटाए जाएंगे + ड्राइवर के लिए ₹3,000 अतिरिक्त
घरेलू सेवाओं और यूटिलिटी पर नया टैक्सेशन
सफाईकर्मी, माली या चौकीदार जैसी घरेलू सेवाओं के लिए भुगतान पर टैक्स लगेगा, जिसमें कर्मचारी से वसूली गई राशि घटाई जाएगी. आउटसोर्स से मिले गैस, बिजली या पानी के भुगतान टैक्सेबल होंगे. यदि नियोक्ता के संसाधनों से आपूर्ति हो तो प्रति यूनिट उत्पादन लागत के आधार पर टैक्स कैलकुलेशन होगा.
घरेलू सेवाओं और यूटिलिटी पर नया टैक्सेशन
सफाईकर्मी, माली या चौकीदार जैसी घरेलू सेवाओं के लिए भुगतान पर टैक्स लगेगा, जिसमें कर्मचारी से वसूली गई राशि घटाई जाएगी. आउटसोर्स से मिले गैस, बिजली या पानी के भुगतान टैक्सेबल होंगे. यदि नियोक्ता के संसाधनों से आपूर्ति हो तो प्रति यूनिट उत्पादन लागत के आधार पर टैक्स कैलकुलेशन होगा.
गिफ्ट और वाउचर की नई सीमा
एक फाइनेंशियल ईयर में गिफ्ट या वाउचर की कुल वैल्यू 15,000 रुपये से अधिक होने पर यह टैक्सेबल इनकम मानी जाएगी.
फूड और मील वाउचर पर छूट
कार्य समय के दौरान निःशुल्क भोजन और पेय पदार्थ या कैश वाउचर टैक्स फ्री रहेंगे, बशर्ते प्रति मील 200 रुपये की लिमिट से अधिक न हो. नए नियमों में फूड कूपन और सरकारी कार इस्तेमाल पर अतिरिक्त लाभ भी उपलब्ध हैं.
कटौतियों के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
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पुरानी रिजीम चुनने वाले टैक्सपेयर्स को कई कटौतियों के लिए प्रमाण जमा करने होंगे.
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HRA मकान मालिक का नाम, पता, PAN (यदि सालाना किराया 1,00,000 रुपये से अधिक हो)
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LTC/LTA: वास्तविक यात्रा खर्च का प्रमाण.
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मकान संपत्ति से ब्याज कटौती: लोन प्रोवाइडर का नाम, पता और PAN.


