Navratri 3rd Day 2026: मां चंद्रघंटा को खुश करने के लिए पहने कौन से रंग के कपड़े? भक्ति और स्टाइल का परफेक्ट कॉम्बो
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. इस दिन ग्रे रंग पहनना शुभ माना जाता है, जो संतुलन और शांति का प्रतीक है. सही रंग के कपड़े पहनने से मां की कृपा प्राप्त होती है.

नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है और तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है. इस दिन भक्त न सिर्फ विधि-विधान से पूजा करते हैं, बल्कि अपने पहनावे पर भी खास ध्यान देते हैं. मान्यता है कि सही रंग के कपड़े पहनकर पूजा करने से मां की कृपा और भी जल्दी प्राप्त होती है.
नवरात्रि के तीसरे दिन पूजी जाने वाली मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और शक्तिशाली माना जाता है. वे सिंह (शेर) पर सवार रहती हैं और उनके मस्तक पर अर्धचंद्र घंटी के आकार में सुशोभित होता है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. यह रूप साहस, शांति और शक्ति का प्रतीक है. मां अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर कर उन्हें निर्भय बनाती हैं.
तीसरे दिन का शुभ रंग: ग्रे
नवरात्रि के तीसरे दिन का विशेष रंग ग्रे (Gray) माना जाता है. आमतौर पर लोग इस रंग को साधारण या फीका समझते हैं, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसका गहरा महत्व है. ग्रे रंग संतुलन, स्थिरता और सादगी का प्रतीक होता है. यह हमें जीवन में हर परिस्थिति में शांत और संयमित रहने की प्रेरणा देता है.
क्या पहनें इस दिन?
इस दिन पूजा करते समय कपड़ों का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए ताकि आप परंपरा और आस्था दोनों का पालन कर सकें.
महिलाओं के लिए
महिलाएं ग्रे रंग की साड़ी, सलवार-सूट या लहंगा पहन सकती हैं. अगर पूरा ग्रे पहनना संभव न हो, तो ग्रे के साथ अन्य हल्के रंगों का संयोजन भी अच्छा विकल्प हो सकता है.
पुरुषों के लिए
पुरुष इस दिन ग्रे रंग का कुर्ता या शर्ट पहन सकते हैं. यदि आपके पास ग्रे कपड़े नहीं हैं, तो आप लाल रंग के वस्त्र भी धारण कर सकते हैं, जो ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है.
रंगों का आध्यात्मिक महत्व
नवरात्रि में हर दिन के रंग का एक विशेष महत्व होता है. तीसरे दिन ग्रे रंग पहनने से मन में शांति और संतुलन बना रहता है. यह रंग भक्त की सच्ची श्रद्धा और विनम्रता को दर्शाता है. माना जाता है कि इस रंग को अपनाने से मां चंद्रघंटा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं.


