गौरक्षक बाबा चंद्रशेखर की मौत से मथुरा में बवाल, 'फरसा वाले बाबा' को लेकर उठे कई सवाल
मथुरा में गौरक्षक संत चंद्रशेखर की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं. गौतस्करों का पीछा करते वक्त हुई इस घटना ने गुस्से को भड़का दिया, जिससे सड़क पर प्रदर्शन, हाईवे जाम और हिंसा जैसी स्थिति बन गई है.

नई दिल्ली: आस्था की नगरी मथुरा में ईद के दिन हुई एक घटना ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया. ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से पहचाने जाने वाले गौरक्षक संत चंद्रशेखर की मौत के बाद इलाके में गुस्सा भड़क उठा और हालात तनावपूर्ण हो गए.
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं- क्या यह हादसा था या हत्या? अगर हत्या है तो इसके पीछे कौन है और वजह क्या है? इन सवालों के बीच सड़कों पर विरोध तेज हो गया है और स्थिति लगातार बिगड़ती नजर आ रही है.
तड़के हुई घटना ने मचाया हड़कंप
यह घटना मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास तड़के करीब 4 बजे हुई. बताया जा रहा है कि संत चंद्रशेखर बाइक से गौतस्करों का पीछा कर रहे थे.
इसी दौरान आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें वाहन से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीन अन्य मौके से फरार हो गए. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.
सड़कों पर उतरा गुस्सा, हाईवे जाम
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. दिल्ली-आगरा हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया.
प्रदर्शनकारी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
हिंसक हुआ प्रदर्शन
हालात उस समय और बिगड़ गए जब कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुंचा.
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
भारी पुलिस बल तैनात
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है. प्रशासन हालात को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटा हुआ है.
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मथुरा-वृंदावन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. संत समाज में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है.
बढ़ता तनाव और आगे की चुनौती
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की बड़ी चुनौती है. यह मामला आने वाले समय में और गंभीर रूप ले सकता है.


