LPG की किल्लत के बीच सरकार का बड़ा फैसला, प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी
एलपीजी की संभावित कमी के बीच सरकार ने 5 किलो के छोटे सिलेंडरों की सप्लाई दोगुनी करने का फैसला लिया है. प्रवासी श्रमिकों को राहत देने के साथ ही कालाबाजारी पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है.

एलपीजी सिलेंडर की संभावित कमी को लेकर फैल रही चिंताओं के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. आम लोगों, खासकर प्रवासी श्रमिकों को राहत देने के लिए अब छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है. इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थिति में रसोई गैस की सप्लाई बाधित न हो.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घोषणा की है कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की रोजाना उपलब्धता को दोगुना किया जा रहा है. ये छोटे सिलेंडर खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होंगे, जिनके पास स्थायी पता नहीं है या जो अस्थायी रूप से किसी शहर में रह रहे हैं.
प्रवासी श्रमिकों को मिलेगा फायदा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन 5 किलो के सिलेंडरों का वितरण राज्य सरकारों के माध्यम से किया जाएगा. राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग, तेल विपणन कंपनियों (OMC) के सहयोग से इन्हें जरूरतमंद प्रवासी श्रमिकों तक पहुंचाएंगे. इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें सामान्य घरेलू सिलेंडर लेने में परेशानी होती है.
बिना पते के भी मिल सकता है सिलेंडर
इन छोटे सिलेंडरों की खास बात यह है कि इन्हें खरीदने के लिए पते के प्रमाण की जरूरत नहीं होती. कोई भी व्यक्ति वैध पहचान पत्र दिखाकर नजदीकी एलपीजी वितरक से इसे ले सकता है. हालांकि, इनकी कीमत बाजार दर के अनुसार तय होती है, यानी इनमें किसी तरह की सब्सिडी नहीं मिलती.
घरेलू सप्लाई को दी जा रही प्राथमिकता
सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भरोसा दिलाया है कि एलपीजी और अन्य ईंधनों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद देश में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी. घरेलू उपयोग के लिए गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है.
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए भी प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. मार्च से अब तक 50 हजार से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं. इसके अलावा 1,400 से अधिक वितरकों को नोटिस भेजे गए हैं और कई डीलरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित भी किया गया है.
सरकार ने अस्पतालों, घरों और शैक्षणिक संस्थानों जैसी जरूरी सेवाओं के लिए गैस सप्लाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. साथ ही रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने और सिलेंडर की रीफिल अवधि को संतुलित करने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं, ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे.
जहां घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं वाणिज्यिक एलपीजी की सप्लाई को कुछ हद तक सीमित किया गया है. इसे सामान्य स्तर के करीब 70 प्रतिशत तक रखा गया है, ताकि जरूरतमंद लोगों को पहले गैस उपलब्ध हो सके.


