ATF कीमतों पर तेल कंपनियों का यू-टर्न: सरकार के दखल के बाद चंद घंटों में बड़ी कटौती, यात्रियों को राहत

एटीएफ की कीमतों में अचानक भारी बढ़ोतरी के बाद तेल कंपनियों ने कुछ ही घंटों में यू-टर्न ले लिया. सरकार के हस्तक्षेप के बाद अब कीमतों में सीमित बढ़ोतरी की गई है, जिससे हवाई यात्रियों को राहत मिली है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: एविएशन सेक्टर में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां तेल मार्केटिंग कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में अचानक लिए गए फैसले को कुछ ही घंटों में पलट दिया. पहले जहां कीमतों में 100 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई थी, वहीं अब सरकार के हस्तक्षेप के बाद इसे काफी हद तक कम कर दिया गया है.

इस फैसले के बाद एयरलाइंस और यात्रियों दोनों को राहत मिली है. अगर कीमतों में भारी बढ़ोतरी बरकरार रहती, तो हवाई यात्रा महंगी हो सकती थी, लेकिन अब सीमित बढ़ोतरी के चलते किराए पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम हो गई है.

पहले दोगुनी हुई कीमत, फिर लिया यू-टर्न

तेल कंपनियों ने पहले ATF की कीमत 96,000 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़ाकर करीब 2.7 लाख रुपये प्रति किलोलीटर कर दी थी. हालांकि, सरकार के हस्तक्षेप के बाद इसे घटाकर लगभग 1.04 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर पर ला दिया गया है.

अब कुल मिलाकर कीमतों में बढ़ोतरी महज 8,000 रुपये के आसपास ही सीमित रखी गई है.

सरकार के हस्तक्षेप से राहत

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण 1 अप्रैल को ATF की कीमतों में 100% से अधिक वृद्धि की संभावना थी.

घरेलू हवाई यात्रा को महंगा होने से बचाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के परामर्श से केवल आंशिक और चरणबद्ध बढ़ोतरी लागू की गई है, जिसमें घरेलू एयरलाइंस पर सिर्फ ₹15 प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ डाला गया है.

दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में नए रेट

नई दरों के अनुसार, दिल्ली में ATF की कीमत 1,04,927 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है.
कोलकाता में यह 1,09,450 रुपये, चेन्नई में 1,09,873 रुपये और मुंबई में 98,247 रुपये प्रति किलोलीटर तय की गई है.

घरेलू एयरलाइंस को मिली राहत

घरेलू एयरलाइंस के लिए कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखते हुए लगभग 8.5% तक ही रखा गया है. इसके चलते एयरलाइंस पर ज्यादा वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा और यात्रियों को भी राहत मिलेगी.

वहीं, अन्य ऑपरेटर्स जैसे नॉन-शेड्यूल्ड, एडहॉक और चार्टर सेवाओं के लिए कीमतों में भारी उछाल देखा गया है, जहां दरें 1,10,703.08 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई हैं.

अंतरराष्ट्रीय हालात का असर

जेट फ्यूल की कीमतें पहले ही नियंत्रण मुक्त की जा चुकी हैं और ये अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय होती हैं. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर ATF पर भी पड़ा.

इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, इस स्थिति में सरकार और तेल कंपनियों ने एक "कैलिब्रेटेड अप्रोच" अपनाते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की है, ताकि घरेलू एयरलाइंस और यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.

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