कर्नाटक चुनाव में हाथ को मिला साथ

कांग्रेस ने बिना किसी आपसी मनमुटाव या लड़ाई के पूरे विधानसभा चुनाव में एकजुटता के साथ भाजपा का मुकाबला किया। यही कारण है कि शनिवार को जब परिणाम आया तो उसके खाते में करीब 130 से अधिक सीटें आ गई।

Lalit Hudda
Lalit Hudda

हाइलाइट

  • राहुल गांधी ने कहा कि 'ये सबकी जीत है। हमने चुनाव में कर्नाटक की जनता से 5 वादे किए थे। हम इन वादों को पहली कैबिनेट मीटिंग में पूरा करेंगे।'

आशुतोष मिश्र

कर्नाटक में कांग्रेस के विजयी होने के प्रमुख रूप से तीन कारण है। इनमें भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुख रहा। पार्टी के मुखिया मल्लिकार्जुन खरगे सहित राहुल गांधी सहित सभी बड़े नेताओं ने हर चुनावी सभाओं में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को घेरा। पार्टी ने एक तरह से पूरे कर्नाटक में यह अभियान चला रखा था कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में 40 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है। इसलिए प्रदेश के विकास में बाधा उत्पन्न हुई। महंगाई के मुद्दें को भी कांग्रेस ने अपने पूरे प्रचार अभियान में गर्म रखा।

दूसरी ओर कांग्रेस ने बिना किसी आपसी मनमुटाव या लड़ाई के पूरे विधानसभा चुनाव में एकजुटता के साथ भाजपा का मुकाबला किया। यही कारण है कि शनिवार को जब परिणाम आया तो उसके खाते में करीब 130 से अधिक सीटें आ गई। जबकि भारतीय जनता पार्टी सिमट कर 70 से नीचे आ गई।

बहरहाल, पार्टी ने कर्नाटक में कमाल कर दिया है और उसे उम्मीद है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी सफलता की यह कहानी दुबारा दोहराएगी। इस सफलता में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का भी काफी योगदान रहा है। राहुल गांधी ने जिन क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया, जिन इलाकों से यह यात्रा निकली कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी हुए हैं। पार्टी के सभी नेता भी इस बात को मानते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा का भी इस चुनाव पर काफी अच्छा असर रहा है। यही कारण है कि पार्टी कर्नाटक में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने की ओर अग्रसर हुई है।
 
इसका सीधा मतलब यह है कि कांग्रेस द्वारा किया जाने वाला हर तरह का प्रयास और फार्मूला सफल रहा। पार्टी के वरिष्ठ नेता सहित प्रदेश के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस प्रदर्शन से गदगद हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिव कुमार और वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया में से किसी एक को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसके लिए पार्टी आलाकमान ने जीते हुए सभी विधायकों की बैठक बुलाई है। पार्टी आलाकमान का मानना है कि सभी विधायको की राय जान लेने के बाद पार्टी अपना नेता घोषित करेगी और उसी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद की दौड़ में डीके शिवकुमार आगे है इसकी वजह यह है कि पार्टी हाईकमान के साथ गांधी परिवार के साथ भी उनके रिश्ते अच्छे हैं। इस चुनाव में कांग्रेस ने जोर लगा दिया था, जिसके नतीजे सामने हैं। 

परिणाम आने के बाद राहुल गांधी दिल्ली स्थित पार्टी दफ्तर पहुंचे। उन्होंने मीडिया के सामने बाइज्जत नमस्कार बोलते हुए कहा, सबसे पहले मैं कर्नाटक की जनता को, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को उनके काम की बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के चुनाव में एक तरफ पूंजीपतियों की ताकत थी, तो दूसरी तरफ गरीब जनता की शक्ति थी। चुनाव में शक्ति ने ताकत को हरा दिया। कांग्रेस कर्नाटक में गरीबों के साथ खड़ी है। उनके मुद्दों पर हम चुनाव लड़े। हमने मोहब्बत के साथ ये लड़ाई लड़ी। कर्नाटक ने दिखा दिया देश को मोहब्बत पसंद है। ये सबकी जीत है। हमने चुनाव में कर्नाटक की जनता से 5 वादे किए थे। हम इन वादों को पहली कैबिनेट मीटिंग में पूरा करेंगे।

इस जीत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा का भी अहम रोल है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान वह सबसे ज्यादा 21 दिन कर्नाटक में रहे, 500 किमी से ज्यादा पैदल चले। लोगों से मिले, उनकी समस्याएं सुनीं। चुनाव में राहुल ने 18 रैलियां और दो रोड शो किए। उनके अलावा खड़गे ने 35 रैलियां और 1 रोड शो, प्रियंका गांधी ने 14 रैलियां और 11 रोड शो और सोनिया गांधी ने हुबली में 1 रैली की थी। इसका नतीजा सामने है।

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13 May 2023, 07:02 PM IST

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