सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई TET पास करने की समय सीमा, टीचर्स को बड़ी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को राहत देते हुए टीईटी परीक्षा पास करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2028 तक बढ़ा दी है. हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए टीईटी की अनिवार्यता जारी रहेगी.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने की समयसीमा में एक साल का विस्तार कर दिया है. अब संबंधित शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी. इससे पहले यह अंतिम तारीख 31 अगस्त 2027 निर्धारित की गई थी.

सर्वोच्च अदालत के फैसले से शिक्षकों को राहत 

सर्वोच्च अदालत के इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिली है जो अब तक टीईटी परीक्षा पास नहीं कर पाए थे और अपनी नौकरी को लेकर चिंतित थे. खासतौर पर कई राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो लंबे समय से समयसीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे.

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वर्ष 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से पूरी तरह छूट देने की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी. कोर्ट ने साफ कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए टीईटी जैसी परीक्षा जरूरी है और सभी शिक्षकों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा.

सुनवाई के दौरान अदालत ने शिक्षकों को महत्वपूर्ण संदेश भी दिया. कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों को केवल अपनी नौकरी सुरक्षित रखने की चिंता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर भी ध्यान देना चाहिए. अदालत ने माना कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता है.

कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के लगभग 30 हजार शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों की मांग थी कि उन्हें इस नियम से राहत दी जाए या कम से कम परीक्षा पास करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए. लंबे समय से यह मुद्दा कई राज्यों में चर्चा का विषय बना हुआ था.

दरअसल, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टीईटी परीक्षा को अनिवार्य किया था. इसके बाद कई ऐसे शिक्षक प्रभावित हुए जो वर्षों से पढ़ा रहे थे, लेकिन अब तक टीईटी पास नहीं कर सके थे.

गुणवत्ता से समझौता नहीं  

समयसीमा नजदीक आने के कारण इन शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा था. इसी को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थीं. अदालत ने समय बढ़ाकर राहत जरूर दी है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा. अब शिक्षकों के पास अपनी योग्यता साबित करने और परीक्षा पास करने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध होगा.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो