आगरा: हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गई हैं. आगरा के अधिवक्ता रमा शंकर शर्मा द्वारा दर्ज कराए गए पुराने मामले में अब नया मोड़ आ गया है. स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने अधिवक्ता द्वारा दायर की गई रिवीजन याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिससे यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है.
दरअसल, अधिवक्ता रमा शंकर शर्मा ने कंगना रनौत पर आरोप लगाया था कि उन्होंने दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उनका कहना था कि कंगना के इन बयानों से किसानों और देशवासियों की भावनाएं आहत हुईं. इसी कारण उन्होंने अदालत से देशद्रोह (राजद्रोह) की धारा के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी.
पहले निचली अदालत ने इस मामले को पोषणीय न होने के आधार पर खारिज कर दिया था, लेकिन अधिवक्ता शर्मा ने इस फैसले को चुनौती देते हुए रिवीजन याचिका दाखिल की. उनका कहना था कि अदालत ने बिना पुलिस रिपोर्ट के ही फैसला सुना दिया, जो कानूनी दृष्टि से गलत है. अब स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने अधिवक्ता की यह दलील मानते हुए निचली अदालत को मामले की विधि अनुसार दोबारा सुनवाई करने का आदेश दिया है.
आपको बता दें कि अधिवक्ता ने 11 सितंबर 2024 को कोर्ट में याचिका दायर कर भाजपा सांसद पर राजद्रोह का आरोप लगाया था. अधिवक्ता ने आरोप लगाया था कि कंगना ने 26 अगस्त 2024 को दिए गए एक इंटरव्यू में किसानों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी. उनके अनुसार, इस बयान से लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं और यह देश के प्रति असम्मानजनक था. उन्होंने इसे देशद्रोह की श्रेणी में रखते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी.
फिलहाल, कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भाजपा सांसद हैं और फिल्मों के साथ-साथ अपने बयानों के कारण भी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं. इस नए कानूनी मोड़ के बाद यह मामला फिर से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. अदालत के अगले फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह कंगना के राजनीतिक और फिल्मी करियर दोनों पर असर डाल सकता है. First Updated : Wednesday, 12 November 2025