'सेना को आने दो, फिर मैं देखूंगा', मां की ममता के आगे भी नहीं झुका आमिर, नहीं किया सरेंडर

जम्मू-कश्मीर के त्राल में हुई मुठभेड़ में तीन जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी मारे गए, जिनमें आमिर वानी का एक भावुक वीडियो सामने आया, जिसमें उसकी मां आत्मसमर्पण की अपील करती है. सेना ने आत्मसमर्पण का अवसर दिया, लेकिन आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इससे पहले शोपियां में भी तीन आतंकी मारे गए थे. सेना द्वारा लगातार अभियानों से घाटी में आतंकियों के ठिकानों पर बड़ी चोट पहुंचाई जा रही है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र में हाल ही में हुई मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों में से एक, आमिर नजीर वानी का एक भावुक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में आमिर की मां उसे अंतिम बार वीडियो कॉल पर आत्मसमर्पण करने की गुहार लगाती दिख रही हैं, लेकिन आमिर ने हथियार डालने से साफ इनकार कर दिया. उसने कहा, "सेना को आने दो, फिर मैं देखूंगा."

छुपे ठिकाने से किया वीडियो कॉल

आमिर ने यह वीडियो कॉल उस घर से किया था, जहां वह अपने साथियों के साथ मुठभेड़ से पहले छिपा हुआ था. कॉल के दौरान उसकी मां और बहन ने उसे समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना. इतना ही नहीं, उसने अपने साथी आतंकी आसिफ अहमद शेख की बहन से भी बात की, जिसने अपने भाई के बारे में जानकारी मांगी. यह कॉल मुठभेड़ शुरू होने से कुछ समय पहले का बताया जा रहा है.

तीनों आतंकी पुलवामा के रहने वाले

इस मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए, जिनकी पहचान पुलवामा के ही रहने वाले आमिर नजीर वानी, आसिफ अहमद शेख और यावर अहमद भट के रूप में हुई है. ये तीनों जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे और लंबे समय से सुरक्षाबलों की निगाह में थे.

अपील के बावजूद नहीं किया आत्मसमर्पण

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों ने इन आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का पूरा मौका दिया था. सेना चाहती थी कि ये लड़के हथियार डालें और मुख्यधारा में लौटें. लेकिन आतंकी तत्वों ने जवाब में सुरक्षाबलों पर गोलियां चला दीं, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई. इसके जवाब में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई करते हुए तीनों को मार गिराया.

आसिफ का घर पहले ही उड़ाया जा चुका था

आसिफ अहमद शेख वह आतंकी था, जिसके त्राल स्थित घर को पहले ही सुरक्षाबलों ने एक ऑपरेशन के तहत विस्फोटक से उड़ा दिया था. यह कार्रवाई आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने की रणनीति के तहत की गई थी, ताकि आतंकवादियों को स्थानीय समर्थन न मिल सके.

शोपियां में भी दो दिन पहले हुई थी मुठभेड़

यह मुठभेड़ 48 घंटों के भीतर जम्मू-कश्मीर में दूसरी बड़ी कार्रवाई थी. इससे दो दिन पहले शोपियां जिले के केल्लर क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने एक अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को ढेर किया था. शोपियां मुठभेड़ में तीन एके-47 राइफलें, हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ था.
 

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag