प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के मानसून सत्र के आरंभ से पहले कहा कि यह सत्र “ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों की जीत का जश्न मनाएगा.” उन्होंने विश्व को भारत की बढ़ती शक्ति दिखाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से एकता और सहयोग का आह्वान किया. उन्होंने यह भी कहा कि भारत का लक्ष्य 2026 तक देश को नक्सलवादी गतिविधियों से मुक्त करना है. साथ ही, हाल ही में देश की अंतरिक्ष उपलब्धियों पर प्रकाश डाला.
हालांकि प्रधानमंत्री का एकता का आह्वान था, जैसे Oही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और डोनाल्ड ट्रंप के भारत–पाक संघर्ष विराम में मध्यस्थता के दावे पर चर्चा की मांग की. इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी. विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले को भी उठाया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, और इस पर सरकार को स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत करने की मांग की.
प्रधानमंत्री मोदी ने सत्र संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मेड इन इंडिया हथियारों की प्रभावशीलता की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, “आतंकवादियों के आकाओं के अड्डे 22 मिनट के भीतर जमींदोज कर दिए गए.” इसके साथ ही नक्सलवाद का मुकाबला करने की योजना का उल्लेख भी किया गया. मोदी ने बताया कि कई ज़िले नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से मुक्त हो चुके हैं, और अब वे हरित विकास गलियारों में तब्दील हो रहे हैं.
मोदी ने यह भी बताया कि भारत अब तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. उन्होंने पुरानी मुद्रास्फीति दर (दोहरे अंकों में) से छुटकारा पाने का जिक्र करते हुए कहा कि अब मुद्रास्फीति लगभग 2% की दर पर है, जिससे आम जनजीवन में राहत मिली है.
सरकार ने सत्र में प्रमुख मुद्दों के लिए समय तय किया है—
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उठाया कि पहलगाम हमलावरों को क्यों पकड़ा नहीं गया, और ट्रंप के 24 बार संघर्ष विराम मध्यस्थता दावे का क्या आधार है. खड़गे ने कहा, “आतंकवादियों को न तो पकड़ा गया और न ही बेअसर किया गया.” विपक्ष ने अहमदाबाद एयर इंडिया दुर्घटना और विमानन सुरक्षा पर भी तीखे सवाल उठाए.
सीधे तौर पर राजनीतिक सहमति ही वह मुद्दा हो सकता है जिस पर bipartisan समर्थन मिल सकता है: न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा पर महाभियोग. केंद्रीय मंत्री किरें रिजिजू ने बताया कि इस प्रस्ताव को संसद में लाने के लिए आवश्यक 100 सांसदों के हस्ताक्षर जुट लिए गए हैं.
राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने सांसदों से कहा कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, पर दिलों में कड़वाहट नहीं. उन्होंने सभी दलों से रचनात्मक और सकारात्मक राजनीति की अपील की.
सरकार की ओर से ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए सहमति की पेशकश की गई, जबकि ट्रम्प के दावों पर कोई विशेष बयान नहीं दिया गया. इस प्रकार सत्र की शुरुआत एक सशक्त संदेश और गंभीर राजनीतिक टकराव दोनों के बीच हुई.
First Updated : Monday, 21 July 2025