दिल्ली मेट्रो में आसाराम बापू के एड, DMRC ने तुरंत हटाने के दिए निर्देश

Asaram Bapu Ads in Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो में बलात्कार के दोषी आसाराम बापू के विज्ञापनों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर आलोचनाओं के बाद, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन विज्ञापनों को मेट्रो स्टेशनों से हटाने के निर्देश दिए हैं. यह विज्ञापन 'माता-पिता पूजन दिवस' के तहत प्रदर्शित किए गए थे, जिसमें आसाराम बापू की तस्वीरें शामिल थीं.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Asaram Bapu Ads in Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो में कुछ समय पहले बलात्कार के दोषी आसाराम बापू के विज्ञापनों की तस्वीरें वायरल हुई थीं, जिससे सोशल मीडिया पर भारी आलोचना हुई. वकील द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों में, 'माता-पिता पूजन दिवस' के तहत आसाराम बापू की तस्वीरें दिखाई दे रही थीं, जिनमें उन्हें प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था. आसाराम बापू को 2023 में एक महिला शिष्य के साथ बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया था, और इस घटना के बाद उनके विज्ञापन मेट्रो स्टेशनों में विवाद का कारण बने.

वकील ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को कड़ी आलोचना की. उनकी पोस्ट तुरंत ही वायरल हो गई और लाखों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. इसके परिणामस्वरूप DMRC ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसाराम बापू के विज्ञापनों को मेट्रो स्टेशनों से हटाने का आदेश दिया.

सोशल मीडिया पर नाराजगी

सोशल मीडिया पर वकील ने नाराजगी जताते हुए ट्वीट किया, "शर्म की बात है @OfficialDMRC. दिल्ली मेट्रो बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराए गए और जेल में सजा काट रहे एक अपराधी को अपने पोस्टर और तस्वीरें लगाने की अनुमति कैसे दे सकता है? #delhimetro द्वारा किया गया बेहद शर्मनाक कृत्य." इस पोस्ट को 2.21 लाख से अधिक बार देखा गया और 5.2 लाख से ज्यादा लाइक मिले, जिससे यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया.

आसाराम बापू का अपराध और सजा

आसाराम बापू को 2013 में एक महिला शिष्य से बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराया गया था. पीड़िता ने आरोप लगाया कि वह 2001 से 2006 के बीच आसाराम के आश्रम में रहने के दौरान बार-बार यौन उत्पीड़न का शिकार हुई. गुजरात के गांधीनगर कोर्ट ने 2023 में आसाराम को दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. हालांकि, वह इस समय चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत पर बाहर हैं और 31 मार्च, 2025 तक उन्हें जेल से बाहर रहने की अनुमति मिली है.

DMRC की प्रतिक्रिया 

विरोध के बढ़ने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, "DMRC ने लाइसेंसधारक को इन विज्ञापनों को जल्द से जल्द मेट्रो परिसर से हटाने के निर्देश दिए हैं. इन विज्ञापनों को हटाने की प्रक्रिया आज रात से शुरू की जाएगी. हालांकि, इन्हें सिस्टम से हटाने में कुछ समय लग सकता है." DMRC की यह त्वरित कार्रवाई उस आलोचना का परिणाम थी जो सोशल मीडिया पर विज्ञापनों को लेकर हो रही थी.

विज्ञापन हटाने में देरी पर उठे सवाल

विरोध और आलोचनाओं के बीच कुछ लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि विज्ञापनों को इतने जल्दी मेट्रो स्टेशनों पर लगाया गया, लेकिन उन्हें हटाने में इतनी देरी क्यों हुई. एक यूज़र ने टिप्पणी की, "उन्हें सिर्फ़ अपने राजस्व की चिंता है," जबकि दूसरे ने लिखा, "आप लोग ऐसे विज्ञापन तुरंत कैसे लगा देते हैं और फिर उन्हें हटाने में इतने दिन लगा देते हैं?"

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