पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने की कोशिश...गरजे मिथुन चक्रवर्ती, बोले-जब तक शरीर में खून की एक बूंद भी है, बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे

बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल में कूच बिहार रैली में कहा कि राज्य को “पश्चिम बांग्लादेश” बनाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन यह असफल रहेंगी. उन्होंने ममता बनर्जी और टीएमसी पर केंद्र की योजनाओं को रोकने और भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाया.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पश्चिम बंगाल : बीजेपी नेता और बॉलीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर एक बार फिर तीखे बयान दिए हैं. कूच बिहार जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को जानबूझकर “पश्चिम बांग्लादेश” बनाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन ऐसी कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न हिस्सा है और इसे किसी भी हालत में दूसरे देश जैसा नहीं बनने दिया जाएगा.

ममता बनर्जी के बयान पर जताई नाराजगी

मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हाल ही में बांकुरा में एक सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने यह दावा किया था कि उन्होंने ही अमित शाह को कोलकाता के एक होटल से बाहर निकलने दिया. इस पर मिथुन ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह कोई अलग देश नहीं है, जहां गृह मंत्री को आने से रोका जाए. उनके मुताबिक, अगर कोई यह सोचता है कि बंगाल को भारत से अलग तरीके से चलाया जा सकता है, तो यह बेहद खतरनाक सोच है.

‘द कश्मीर फाइल्स’ का उदाहरण देकर चेतावनी
अपने भाषण में मिथुन चक्रवर्ती ने अपनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि जिस तरह 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों को घाटी से पलायन के लिए मजबूर किया गया, उसी तरह की परिस्थितियां बनाने की कोशिशें बंगाल में भी हो रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को दबाया जा रहा है. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देवी मां की प्रशंसा में गीत गाने पर गायिका लगनजिता चक्रवर्ती को परेशान किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

“जब तक सांस है, बंगाल भारत का रहेगा”
मिथुन चक्रवर्ती ने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि कुछ लोग यह सपना देख सकते हैं कि बंगाल बांग्लादेश जैसा बन जाए, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जब तक उनके जैसे लोगों के शरीर में खून की एक बूंद भी है, तब तक पश्चिम बंगाल भारत का ही हिस्सा रहेगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह संविधान में विश्वास रखते हैं और इसी वजह से संयम बनाए हुए हैं.

चुनाव से पहले विपक्षी एकता की अपील
राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाने के लिए विपक्षी एकजुटता पर ज़ोर दिया. उन्होंने कांग्रेस, वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस के “ईमानदार” समर्थकों से अपील की कि वे मिलकर मौजूदा सरकार को सत्ता से बाहर करें. उनके अनुसार, बंगाल को सही दिशा में ले जाने के लिए यह बेहद जरूरी है.

विकास और भ्रष्टाचार को लेकर आरोप
मिथुन चक्रवर्ती ने राज्य सरकार पर विकास के मोर्चे पर विफल रहने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बंगाल में न तो उद्योग हैं, न ही पर्याप्त नौकरियां और न ही मजबूत स्वास्थ्य ढांचा. उनके मुताबिक, राज्य में अगर कुछ फल-फूल रहा है तो वह केवल भ्रष्टाचार है. इसी कड़ी में उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं किया, क्योंकि शायद उन्हें डर है कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ जाएगी.

आयुष्मान भारत लागू करने का वादा
अपने भाषण के अंत में मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया कि अगर आने वाले चुनावों में बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है, तो सबसे पहला काम आयुष्मान भारत हेल्थकेयर योजना को लागू करना होगा. उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना उनकी प्राथमिकता होगी. कुल मिलाकर, मिथुन चक्रवर्ती का यह बयान साफ तौर पर संकेत देता है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है और आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज़ हो सकती है.

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