बिहार में नई कैबिनेट को लेकर मंथन तेज, सम्राट चौधरी की टीम में किन चेहरों को मिलेगी जगह, सहयोगी दलों में हलचल बढ़ी

बिहार में नई सरकार के गठन से पहले कैबिनेट को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सम्राट चौधरी की टीम में किन नेताओं को जगह मिलेगी, इसे लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही कैबिनेट को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में किन चेहरों को जगह मिलेगी, इस पर चर्चा चल रही है। अलग-अलग दलों के नेता अपनी भूमिका को लेकर सक्रिय हैं। राजनीतिक गलियारों में बैठकों का दौर जारी है। हर दल अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने में लगा है।

क्या एनडीए का वही फॉर्मूला रहेगा?

सूत्रों के अनुसार नई सरकार में एनडीए का मौजूदा फॉर्मूला ही जारी रह सकता है। मुख्यमंत्री भाजपा का होगा, जबकि डिप्टी सीएम का पद जदयू को मिलना तय माना जा रहा है। बाकी सहयोगी दलों को भी उनकी ताकत के हिसाब से प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। हालांकि कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

डिप्टी सीएम को लेकर क्या स्थिति?

डिप्टी सीएम पद को लेकर जदयू में मंथन चल रहा है। पहले निशांत कुमार का नाम चर्चा में था। लेकिन बताया जा रहा है कि वे अभी इस जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में जदयू के वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। एक या दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

भाजपा से किन नेताओं के नाम आगे?

भाजपा की ओर से कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं। सम्राट चौधरी के साथ विजय सिन्हा, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल जैसे नेता संभावित सूची में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है। पार्टी संतुलन बनाने की कोशिश में है।

जदयू और अन्य दलों की क्या भूमिका?

जदयू की तरफ से भी कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। बिजेंद्र यादव, विजय चौधरी और श्रवण कुमार जैसे नेताओं को जगह मिल सकती है। वहीं लोजपा, हम और रालोमो जैसे सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इससे गठबंधन का संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

क्या पहले से ज्यादा मजबूत होगी जदयू?

चर्चा है कि इस बार जदयू की हिस्सेदारी मजबूत रह सकती है। कुछ सूत्रों का कहना है कि भाजपा से ज्यादा जदयू के मंत्री हो सकते हैं। इससे साफ है कि गठबंधन के भीतर संतुलन साधने की कोशिश हो रही है। यह फैसला आगे की राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है।

अब आगे क्या होगा?

बुधवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में सीमित संख्या में ही शपथ हो सकती है। पहले मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम पद की शपथ होगी। इसके बाद विधानसभा में बहुमत साबित किया जाएगा। फिर कैबिनेट का विस्तार किया जा सकता है। अब सबकी नजर अंतिम सूची पर टिकी है।

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