नीतीश युग का अंत, बिहार में ‘सम्राट’ की एंट्री, सत्ता की कुर्सी बदली, बीजेपी के हाथों में अब पूरी कमान

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी को नया मुख्यमंत्री चुना गया है। अब राज्य में नई सरकार की शुरुआत होने जा रही है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

सम्राट चौधरी बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। पटना में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सुबह से ही राजभवन परिसर में हलचल बढ़ गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। राजनीतिक नेताओं का आना शुरू हो गया है। इस कार्यक्रम को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। सम्राट चौधरी के साथ नई कैबिनेट भी शपथ ले सकती है। यह पल बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। लंबे समय बाद सत्ता की तस्वीर बदलती दिखेगी। अब सबकी नजर इस शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई है।

बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय से सत्ता में रहे नीतीश कुमार के हटने के बाद नया अध्याय शुरू हुआ है। भाजपा के सम्राट चौधरी को नया मुख्यमंत्री चुना गया है। इससे राज्य की सियासत की दिशा बदलती दिख रही है। अब बिहार में नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है।

क्या विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला?

पटना में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुना गया। पार्टी ने उनके नाम पर मुहर लगा दी। इसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता तय हो गया। जानकारी के अनुसार वे जल्द शपथ लेंगे। पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

क्या पहली बार बीजेपी बनाएगी सरकार?

बिहार के इतिहास में यह पहली बार होगा। भाजपा की अगुवाई में सरकार बनने जा रही है। पार्टी का ही नेता मुख्यमंत्री बनेगा। यह बदलाव भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे राज्य में पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सकती है।

सम्राट चौधरी का सफर कैसा रहा?

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने 1990 के दशक में राजनीति की शुरुआत की। शुरुआत में वे राजद से जुड़े रहे। राबड़ी देवी सरकार में मंत्री भी बने। इसके बाद उन्होंने जदयू का रुख किया। कई उतार-चढ़ाव के बाद उन्होंने अपनी जगह बनाई।

बीजेपी में आने के बाद क्या बदला?

सम्राट चौधरी ने 2018 में भाजपा का दामन थामा। इसके बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा। पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया। फिर उन्हें डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी मिली। कम समय में उन्होंने खुद को मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया। अब उन्हें राज्य की कमान सौंपी जा रही है।

क्या विरोधी से बने उत्तराधिकारी?

सम्राट चौधरी को कभी नीतीश कुमार का बड़ा विरोधी माना जाता था। वे उनके खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं। लेकिन समय के साथ राजनीति बदली। अब वही सम्राट चौधरी उनके बाद मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यह बदलाव सियासत का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

अब आगे क्या होगा?

अब सबकी नजर शपथ ग्रहण पर है। नई सरकार जल्द काम शुरू करेगी। इससे बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू होगा। आने वाले फैसले राज्य की दिशा तय करेंगे। सभी राजनीतिक दल इस पर नजर बनाए हुए हैं।

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