जॉब का झांसा देकर महिलाओं का शोषण, बिहार के रेलवे स्टेशनों में मानव तस्करों का सक्रिय नेटवर्क

पटना के रेलवे स्टेशनों के आसपास मानव तस्कर सक्रिय हैं. घरेलू विवाद में परेशान महिलाओं को नौकरी का लालच देकर फंसाते हैं और उन्हें पश्चिम बंगाल व राजस्थान जैसे राज्यों में बेच देते हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

पटना के रेलवे स्टेशनों के आसपास मानव तस्करों के एजेंट सक्रिय हैं, जो घरेलू विवाद या छोटी-मोटी कलह में घर छोड़कर निकलने वाली युवतियों को नौकरी और बेहतर जीवन का सपना दिखाकर फंसाते हैं. इन तस्करों की नजर उन युवतियों पर रहती है जो जिंदगी संवारने की उम्मीद में घर की दहलीज पार करती हैं. पुनपुन थाना क्षेत्र में हाल ही में ऐसी ही एक घटना सामने आई, जहां एक महिला ससुराल में नाराजगी के चलते घर छोड़कर निकली और पटना जंक्शन पर एक महिला के झांसे में फंस गई.

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के सहारे युवती को पश्चिम बंगाल के पंजीपाड़ा से सकुशल बचा लिया गया. इस मामले ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर मानव तस्करी के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है.

पुनपुन थाना क्षेत्र की घटना

करीब ढाई माह पूर्व ससुराल में किसी बात से नाराज होकर महिला मायके के लिए निकली, लेकिन वह पटना जंक्शन के पास एक महिला के झांसे में फंस गई. महिला उसे पश्चिम बंगाल लेकर पहुंच गई और वह तस्करों के चंगुल में आ गई. स्वजनों ने 28 मार्च को पुनपुन थाने में लिखित शिकायत की. गुमशुदगी का केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई.

कैसे मिला सुराग?

एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच पुलिस को उस लोकेशन तक ले गई, जहां महिला के मिलने की उम्मीद थी. पुनपुन थाना से एक विशेष टीम का गठन कर उन्हें पश्चिम बंगाल भेजा गया. बंगाल पुलिस के सहयोग से पुलिस युवती को पंजीपाड़ा से सकुशल मुक्त कराते हुए पटना लेकर आई. एसडीपीओ मसौढ़ी-2 कन्हैया सिंह ने बताया कि महिला को पटना लाने के बाद पूछताछ करने पर उसने बताया कि पटना जंक्शन के समीप एक अज्ञात महिला नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उसे पश्चिम बंगाल ले गई थी. पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया है. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच कर आरोपित महिला की पहचान की जा रही है.


गुमशुदगी मानव तस्करी में बदली

घटना जनवरी की है. महिला घर में हुए मामूली झगड़े के बाद गुस्से में बाहर निकल गई. स्वजन को लगा कि वह गुस्से में मायके चली गई होगी और खुद ही लौट आएगी.इसके बाद ससुराल वालों ने उसके मायके में फोन कर पूछा. पता चला कि वह मायके आई ही नहीं. स्वजन उसकी खोज में जुट गए. मार्च के आखिरी सप्ताह में घटना की सूचना पुनपुन पुलिस को दी.

घर से निकलने के बाद पटना जंक्शन के पास युवती को एक अज्ञात महिला ने भरोसे में लिया. काम दिलाने के बहाने उसे पश्चिम बंगाल ले गई. वहां पंजीपाड़ा इलाके में पहुंचने के बाद उसकी वापसी का रास्ता बंद हो गया. वह वहां से किसी से संपर्क नहीं कर पा रही थी. इधर स्वजन उसकी तलाश में जुटे थे. पुलिस भी खोजबीन में जुटी थी. तभी पीड़िता ने किसी के मोबाइल से स्वजन को फोन कर आपबीती बताई, जो असुरक्षित माहौल में थी. इस फोन कॉल से गुमशुदगी का यह मामला मानव तस्करी की तरफ घूमने लगा. स्वजन ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस उस नंबर का लोकेशन पता कर पश्चिम बंगाल के पंजीपाड़ा पहुंच गई. बंगाल पुलिस के सहयोग से छापेमारी की और पीड़िता को सकुशल मुक्त कराते हुए पटना लाया गया.


दानापुर किशोरी तस्करी मामला

मई 2015 में घर से दानापुर बाजार के लिए निकली किशोरी लापता हो गई. स्वजन की सूचना पर दानापुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में टीम गठित की गई. तकनीकी अनुसंधान किया गया. पता चला कि उसे एक महिला ने आरा में रखा था और वहां से रोहतास लाकर जबरन शादी करा दी गई. पुलिस उस महिला और मैरेज हाल संचालक को गिरफ्तार कर पूछताछ करने लगी. शादी के नाम पर जिस व्यक्ति के हाथों किशोरी को बेचा गया था, उसकी तलाश में पुलिस राजस्थान गई. वहां से किशोरी को मुक्त कराते हुए पटना लाया गया. पूरे मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया.

मनेर युवती को बेचने की घटना

ऐसे ही जनवरी में मनेर में मामूली सी बात पर ससुराल वालों से झगड़े के बाद घर से भाग कर ट्रेन से कटकर अपनी जीवन समाप्त करने पटना जंक्शन पहुंची 23 वर्षीय महिला एक व्यक्ति झांसे में फंस गई. वह उसे नौकरी दिलाने व सब्जबाग के झांसे में लेकर कोलकाता के देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया. महिला ने कुछ दिनों बाद एक युवक से मदद मांगी और उसके मोबाइल से फोन कर स्वजन को आपबीती बताई. फिर मनेर थाने की पुलिस पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से इस्लामपुर से पीड़िता को सकुशल मुक्त कराते हुए वहां से एक आरोपित को गिरफ्तार किया. तस्कर ने उसे वहां बेच दिया था.

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