वॉशिंगटन फायरिंग पर PM मोदी का कड़ा बयान, लोकतंत्र में हिंसा को बताया अस्वीकार्य
वॉशिंगटन में हुई फायरिंग की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा पर राहत जताई और लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया.

वॉशिंगटन में आयोजित एक बड़े और प्रतिष्ठित कार्यक्रम के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और लोकतंत्र में हिंसा के खिलाफ सख्त संदेश दिया है. उन्होंने राहत जताई कि इस घटना में अमेरिका के राष्ट्रपति सुरक्षित हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की. उन्होंने कहा कि यह जानकर सुकून मिला कि डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पूरी तरह सुरक्षित हैं. पीएम मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. उन्होंने इस हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करते हुए सभी की सुरक्षा और कुशलता की कामना की.
कार्यक्रम के दौरान हुई थी गोलीबारी
यह घटना वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई. इस कार्यक्रम में कई बड़े नेता, अधिकारी और मीडिया से जुड़े लोग मौजूद थे. गोली चलने की खबर फैलते ही कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और हालात को नियंत्रित कर लिया.
घटना के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस व्यक्ति की पहचान कैलिफोर्निया के एक 30 वर्षीय व्यक्ति के रूप में की गई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी कि इस घटना के दौरान एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी को गोली लगी, लेकिन उनके सुरक्षात्मक उपकरण के कारण उन्हें गंभीर चोट नहीं आई. उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया घटनाक्रम
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उस समय के हालात को बेहद डरावना बताया. एक प्रत्यक्षदर्शी एरिन थिलमैन के अनुसार, उन्होंने एक व्यक्ति को जमीन पर गिरते देखा, जिसके पास हथियार था. उनके मुताबिक, उस व्यक्ति के कंधे पर मैगजीन लटकी हुई थी और वह राइफल के साथ नीचे गिर गया. उन्होंने तीन गोलियां चलने की आवाज भी सुनी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संदिग्ध ने खुद गोली चलाई थी या नहीं.
पहले भी हो चुके हैं हमले के प्रयास
यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की कोशिश की गई हो. इससे पहले जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान उन पर हमला किया गया था. उस समय एक हमलावर ने उन पर कई गोलियां चलाई थीं, जिसमें से एक गोली उनके कान के पास से गुजर गई थी. सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को निष्क्रिय कर दिया था.
इसके बाद सितंबर 2024 में फ्लोरिडा में भी उनके ऊपर एक और हमले की साजिश सामने आई थी. वेस्ट पाम बीच के एक गोल्फ कोर्स में संदिग्ध गतिविधि के बाद एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था, जिस पर हमले की योजना बनाने का आरोप लगा था.
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस ताजा घटना के बाद एक बार फिर वीआईपी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद इस तरह की घटना का होना चिंता का विषय माना जा रहा है. हालांकि, समय रहते सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया. फिलहाल जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस घटना से जुड़े और तथ्य सामने आएंगे.


