बिहार के मुजफ्फरपुर में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, 10 लोगों की गई जान 20 घायल
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. शहर के ब्रम्हपुरा इलाके में स्थित निजी 'प्रसाद हॉस्पिटल' में गुरुवार तड़के भीषण आग लग गई.

बिहार: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. शहर के ब्रम्हपुरा इलाके में स्थित निजी 'प्रसाद हॉस्पिटल' में गुरुवार तड़के भीषण आग लग गई. इस हादसे में अस्पताल के अत्यंत संवेदनशील हिस्से यानी आईसीयू (ICU) में भर्ती चार मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई.
10 की मौत
स्थानीय स्तर पर मृतकों की संख्या 10 होने की आशंका जताई जा रही है. लेकिन मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) सुब्रत कुमार सेन ने आधिकारिक तौर पर 4 मौतों की पुष्टि की है. गंभीर रूप से झुलसे कई अन्य मरीजों का इलाज जारी है. जिससे हताहतों का आंकड़ा बढ़ने का अंदेशा है.
मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 25 से अधिक मरीज प्रभावित हुए हैं, जबकि 10 लोगों की मौत की सूचना है। फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। https://t.co/b89DsCtH2V pic.twitter.com/NWhEiZV3F1
— Muzaffarpur Index (मुज़फ्फ़रपुर/𑂞𑂲𑂩𑂯𑂳𑂞) (@Index_Muz) June 4, 2026
कैसे भड़की आग
जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना सुबह लगभग 3:20 बजे की है. अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित आईसीयू में अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज हुई. बताया जा रहा है कि वहां रखे वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क उठी. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे आईसीयू वार्ड में जहरीला व गाढ़ा धुआं भर गया. घटना के वक्त आईसीयू में करीब 12 से 15 मरीज जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहेा थे.
परिजनों ने खुद संभाला मोर्चा
हादसे के दौरान अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता और बड़ी लापरवाही भी उजागर हुई है. मरीजों के परिजनों का आरोप है कि जब तड़के सुबह यह हादसा हुआ तब आईसीयू वार्ड में कोई भी अटेंडेंट या अस्पताल कर्मी मौजूद नहीं था. आग लगते ही अस्पताल का स्टाफ मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए बाहर भाग निकला. चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और मरीज व उनके तीमारदार मदद के लिए छटपटाने लगे. ऐसे में परिजनों ने खुद जान जोखिम में डालकर अपनों को बाहर निकालना शुरू किया.
फायर फाइटिंग सिस्टम रहा फेल
इस भीषण अग्निकांड ने अस्पताल के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है. आपातकाल के समय अस्पताल का फायर हाइड्रेंट और अग्निशामक उपकरण पूरी तरह फेल साबित हुए. सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और करीब 20 मरीजों को सुरक्षित रेस्क्यू किया.
मरीजों को नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया. आग इतनी भयानक थी कि सुबह 7 बजे तक अस्पताल परिसर से जलने की तीव्र दुर्गंध आ रही थी. परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया. जिसके बाद एहतियातन पूरे अस्पताल परिसर को सील कर दिया गया है.
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. डीएम ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन की थोड़ी भी लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


