निशांत नहीं तो फिर कौन बनेगा नीतीश के बाद JDU का चेहरा? आज फैसले का दिन
नीतीश कुमार के विधान परिषद सदस्य और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब सारी निगाहें जेडीयू के विधायक दल की अहम बैठक पर टिकी हुई हैं. क्या इस बैठक में विजय कुमार चौधरी या बिजेंद्र यादव में से किसी एक को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, या फिर कोई नया तीसरा चेहरा उभरेगा?

नीतीश कुमार के दो दशक लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के बाद अब बिहार की सियासत में नया मोड़ आ गया है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ ही नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए रवाना हो गए हैं. अब सबकी नजरें जेडीयू में उनके उत्तराधिकारी पर टिकी हैं. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद जेडीयू ने सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है. इस बैठक में विधानमंडल दल के नए नेता का चुनाव होना है. पार्टी में नंबर दो की पोजिशन कौन संभालेगा, यह सवाल इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है.
JDU विधानमंडल दल के नेता का चुनाव आज
बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री और विधान परिषद पद से इस्तीफा देने के बाद जेडीयू में विधानमंडल दल के नेता का पद खाली हो गया है. सोमवार को पटना के एक अणे मार्ग स्थित नीतीश कुमार के सरकारी आवास पर जेडीयू की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है. इस बैठक में सभी विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल होंगे. बैठक में विधानमंडल दल के नए नेता का चुनाव किया जाएगा.
किन नेताओं पर हैं सबसे ज्यादा नजरें
नीतीश कुमार के बाद जेडीयू में नंबर दो की पोजिशन के लिए कई नामों की चर्चा हो रही है. पार्टी के दो डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. दोनों वरिष्ठ नेता हैं और जेडीयू कोटे से डिप्टी सीएम बनाए गए हैं. इसके अलावा जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और श्रवण कुमार का नाम भी विधानमंडल दल के नेता पद की रेस में शामिल बताया जा रहा है. फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की मौजूदगी में लिया जाएगा.
मीटिंग में ये बड़े नेता रहेंगे मौजूद
जेडीयू एमएलसी संजय गांधी ने बताया कि सोमवार को होने वाली विधानमंडल दल की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत सभी विधानमंडल दल के सदस्य मौजूद रहेंगे. सब मिलकर फैसला करेंगे कि किसे जेडीयू विधानमंडल दल का नेता चुना जाए.
बड़ी जिम्मेदारी वाला पद
बिहार विधानसभा में जेडीयू के 85 विधायक हैं और विधान परिषद में 20 से अधिक सदस्य हैं. भाजपा के बाद जेडीयू विधानसभा और विधान परिषद में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. ऐसे में जो भी नेता विधानमंडल दल का नेता चुना जाएगा, उसके ऊपर काफी बड़ी जिम्मेदारी होगी. पिछले 20 सालों से यह पद नीतीश कुमार के पास रहा है. अब नई सरकार बनने के बाद यह फैसला जेडीयू की भविष्य की राजनीतिक दिशा भी तय करेगा.


