बीएमसी की सत्ता पर भगवा की दस्तक, एग्ज़िट पोल ने उद्धव ठाकरे के तीन दशक पुराने किले को रख दिया हिलाकर
मुंबई की बीएमसी के एग्जिट पोल ने बड़ा संकेत दिया है कि भाजपा गठबंधन सत्ता में आ सकता है और तीन दशक से चला आ रहा ठाकरे परिवार का दबदबा टूट सकता है

मतदान खत्म होते ही आए एग्जिट पोल में बीएमसी में भाजपा गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है. एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक भाजपा गठबंधन को 131 से 151 सीटें मिल सकती हैं. बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. इसका मतलब साफ है कि भाजपा सरकार बना सकती है. यह नतीजा अगर सच हुआ तो मुंबई की राजनीति में बड़ा उलटफेर होगा.पिछले करीब 30 साल से बीएमसी पर ठाकरे परिवार की शिवसेना का कब्जा रहा है. अगर एग्जिट पोल सही निकले तो उद्धव ठाकरे की शिवसेना और एमएनएस को मिलकर सिर्फ 58 से 68 सीटें मिलेंगी. यह उनकी अब तक की सबसे कमजोर स्थिति होगी. मुंबई में शिवसेना की सियासी पकड़ पर सीधा असर पड़ेगा.
क्या कांग्रेस इस लड़ाई में पीछे छूट गई
एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस गठबंधन को सिर्फ 12 से 16 सीटें मिल सकती हैं. यह दिखाता है कि कांग्रेस की बीएमसी में भूमिका सीमित रह सकती है. वह सत्ता की दौड़ से काफी पीछे नजर आ रही है. मराठी वोटों में यूबीटी गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है लेकिन उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय वोट भाजपा की तरफ झुकते नजर आए हैं. उत्तर भारतीयों का करीब 68 फीसदी वोट भाजपा गठबंधन को जाने का अनुमान है. दक्षिण भारतीयों में भी भाजपा आगे है. इससे भाजपा को सीटों में बड़ा फायदा मिल सकता है.
क्या मुस्लिम वोट कांग्रेस की तरफ गया
एग्जिट पोल के अनुसार मुस्लिम वोटों में कांग्रेस गठबंधन को 41 फीसदी समर्थन मिलने का अनुमान है. यूबीटी को 28 और भाजपा गठबंधन को 12 फीसदी वोट मिल सकते हैं. यह दिखाता है कि मुस्लिम वोट भाजपा के खिलाफ बंटा हुआ है.
क्या वोट शेयर में भी भाजपा सबसे आगे है
भाजपा गठबंधन को कुल 42 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. यूबीटी को 32 फीसदी और कांग्रेस को 13 फीसदी वोट मिल सकते हैं. इसका मतलब साफ है कि भाजपा का जनाधार बीएमसी में सबसे बड़ा बन चुका है. डीवी रिसर्च के एग्जिट पोल में भी भाजपा गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है. उसके मुताबिक भाजपा को 107 से 122 सीटें मिल सकती हैं. ठाकरे गुट को 68 से 83 सीटें मिलने का अनुमान है. दोनों सर्वे एक ही दिशा दिखा रहे हैं कि बीएमसी में सत्ता बदल सकती है.


