कोर्ट में I-PAC सुनवाई के दौरान हंगामा कराना चाहती थीं ममता बनर्जी! ED ने अदालत में किया बड़ा खुलासा

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी के खिलाफ सबूत पेश करते हुए एक बहुत बड़ा दावा किया है. ईडी ने व्हाट्सएप चैट के जरिये खुलासा किया कि I-PAC मामले की सुनवाई के दौरान अराजकता फैलाने की योजना बनाई गई थी.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में एक बड़ा दावा किया है. ईडी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की कानूनी टीम ने व्हाट्सएप चैट के जरिए कलकत्ता हाईकोर्ट में I-PAC मामले की सुनवाई के दौरान अराजकता फैलाने की योजना बनाई थी. यह मामला 9 जनवरी 2025 को कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ था, जब कोर्ट महज 5 मिनट में ही बाधित हो गई.

व्हाट्सएप ग्रुप में मिला संदेश

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट पेश किए, जो “लीगल माइंड्स” नाम के ग्रुप से आए थे. इस ग्रुप में टीएमसी से जुड़े वकीलों के संदेश थे. एक संदेश में साफ लिखा था “सभी लोग कोर्ट नंबर 5, आइटम नंबर 10 के अंदर इकट्ठा हों.” इसके कुछ ही मिनट बाद दूसरा संदेश आया, जिसमें सभी से आईपीएसी परिसर पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने का आह्वान किया गया. 

संदेश में ये भी कहा गया कि आज दोपहर 1 बजे बी गेट पर सभा होगी. सभी से आने का अनुरोध है. हम माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में जा रहे हैं. बस और गाड़ी की व्यवस्था कर दी गई है.

सुनवाई शुरू होते ही कोर्ट में हंगामा

दरअसल 9 जनवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट में आईपीएसी मामले की सुनवाई शुरू हुई. लेकिन जैसे ही कोर्ट खुली, वकीलों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई. न्यायमूर्ति सुव्रा घोष ने बार-बार चेतावनी दी और कहा कि मामले से जुड़े नहीं हैं तो 5 मिनट में कोर्ट छोड़ दें. लेकिन भीड़ नहीं हटी.

वकील आपस में बहस करते रहे कि कौन रुकेगा और कौन जाएगा. आखिरकार न्यायाधीश बहुत नाराज हो गईं और कोर्ट रूम छोड़कर चली गईं. उन्होंने मामले को 14 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया. 

ईडी ने सुनवाई बाधित करने की साजिश का लगाया आरोप 

ईडी ने अपनी याचिका में कहा कि यह सब सुनवाई को जानबूझकर बाधित करने की साजिश थी. ईडी ने आईपीएसी कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी में कोयला घोटाले की जांच में कथित हस्तक्षेप का मामला सामने आया था. ईडी ने ममता बनर्जी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है. 

सोमवार को हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की, लेकिन पहले ही सख्त निर्देश जारी कर दिए गए थे कि केवल वरिष्ठ वकील, उनके सहायक और रिकॉर्ड पर मौजूद अधिवक्ताओं को ही कोर्ट में प्रवेश मिलेगा. 

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag